डोनाल्ड ट्रंप के दावों पर ईरान के पूर्व तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद का पलटवार

ईरान के पूर्व तेल मंत्री मोहसिन पाकनेजाद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया था कि पाकनेजाद ने इसलिए इस्तीफा दिया क्योंकि ईरान के पास अब तेल के भंडार खत्म हो चुके हैं और देश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। इन बयानों के जवाब में पाकनेजाद ने स्पष्ट किया कि उनके पद छोड़ने का ट्रंप के दावों से कोई लेना-देना नहीं है।
दरअसल, 6 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि ईरान में "न कोई अर्थव्यवस्था बची है, न तेल और न ही कुछ और"। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान करीब 300% की महंगाई दर से जूझ रहा है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए तेल प्रवाह अभी भी विवाद का विषय बना हुआ है। इन टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकनेजाद ने खुद को अपने देश का "सैनिक" बताया और जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरान का तेल उत्पादन और निर्यात जारी रहा है।
इस्तीफे की असली वजह और नए बदलाव
मोहसिन पाकनेजाद का इस्तीफा 4 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति मासौद पेज़ेशकियन ने स्वीकार किया था। राष्ट्रपति कार्यालय के संचार प्रमुख सैयद मेहदी तबतबैई के अनुसार, पाकनेजाद ने "व्यक्तिगत कारणों" का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। हालांकि राष्ट्रपति ने शुरुआत में इसे स्वीकार करने से इनकार किया था, लेकिन पाकनेजाद के आग्रह पर उन्हें पदमुक्त किया गया। अब उनकी जगह हामिद बोवरद को कार्यवाहक तेल मंत्री नियुक्त किया गया है, जबकि पाकनेजाद राष्ट्रपति के सलाहकार की भूमिका में होंगे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने इस नेतृत्व परिवर्तन की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 25 अगस्त के बाद से ईरान ने एक भी बैरल कच्चा तेल किसी जहाज पर लोड नहीं किया है। इसके अलावा, ऐसी खबरें भी हैं कि यह इस्तीफा आंतरिक तनावों और ऊर्जा क्षेत्र में प्रबंधन विवादों का नतीजा हो सकता है, जिसमें अरबों डॉलर की रसीदों और कॉर्पोरेट मतभेदों की बातें सामने आ रही हैं।