UN में फिलिस्तीन के राजदूत रियाद मंसूर बोले, गाजा पर ठोस कदम उठाए सुरक्षा परिषद

संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन के राजदूत Riyad Mansour ने सुरक्षा परिषद की अहम बैठक के दौरान अपने तय भाषण से हटकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा गंभीर हालात में अब सामान्य औपचारिकता से काम नहीं चल सकता और परिषद को तुरंत प्रभावी फैसले लेने होंगे। गाजा में बिगड़ते मानवीय संकट को लेकर उन्होंने सुरक्षा परिषद को अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाने की सख्त अपील की है।
सीजफायर और मानवीय सहायता को लेकर सख्त रुख
अल जजीरा इंग्लिश के पत्रकार Gabriel Elizondo की रिपोर्ट के मुताबिक, राजदूत रियाद मंसूर ने सामान्य कूटनीतिक भाषा छोड़कर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सुरक्षा परिषद से मांग की कि वह तुरंत युद्धविराम लागू करने और लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए जरूरी इच्छाशक्ति दिखाए। मंसूर ने आगाह करते हुए कहा कि शांति और युद्ध से जुड़े फैसलों को केवल युद्ध लड़ रहे पक्षों के भरोसे छोड़ देना सुरक्षा परिषद की विफलता होगी।
अमेरिका द्वारा वीजा न देने और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का फैसला
इस बैठक से पहले संयुक्त राष्ट्र में कई अन्य महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाएं भी देखने को मिलीं। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 सितंबर 2026 को एक विशेष प्रस्ताव पास किया था, जिसके तहत फिलिस्तीन के राष्ट्रपति Mahmoud Abbas और अन्य शीर्ष अधिकारियों को बैठकों में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हिस्सा लेने की अनुमति दी गई थी। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि अमेरिका ने लगातार दूसरे साल फिलिस्तीनी प्रतिनिधिमंडल को वीजा देने से मना कर दिया था। इस पर राजदूत मंसूर ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे मेजबान देश के समझौते के Article 11 का खुला उल्लंघन करार दिया।
वैश्विक समर्थन और दो-राष्ट्र समाधान की मांग
कूटनीतिक मुलाकातों के इसी सिलसिले के तहत 22 सितंबर 2026 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने राजदूत रियाद मंसूर से मुलाकात की और फिलिस्तीन के मुद्दे पर अपना मजबूत समर्थन दोहराया। वहीं दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने फिर से यह स्पष्ट किया कि इलाके में स्थाई शांति स्थापित करने के लिए दो-राष्ट्र समाधान यानी Two-State Solution ही सबसे जरूरी आधार है। उसी दिन संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता Stéphane Dujarric ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान फिलिस्तीन में संभावित चुनावों की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी साझा की।