West Bank में इजरायली हमला, दो फिलिस्तीनी किसान हुए घायल, सुरक्षा को लेकर दुनिया भर में चिंता

उत्तरी वेस्ट बैंक में 12 सितंबर 2026 को हुई एक हिंसा की घटना में दो फिलिस्तीनी किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। रामल्ला के उत्तर-पूर्व में स्थित अल मुघैयर गांव के रहने वाले इन दोनों किसानों को इजरायली हमलावरों ने बुरी तरह पीटा, जिससे उनके शरीर में फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आईं। यह हिंसक घटना रामल्ला और जेरिको को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर हुई, जहां आम नागरिकों का आना-जाना रहता है। फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी WAFA की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने सिर्फ मारपीट ही नहीं की, बल्कि अल मुघैयर के पूर्व में स्थित एक खेत पर मौजूद लोगों पर गोलियां भी चलाईं। इस घटना के दिन ही गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक के अलग-अलग इलाकों में इजरायली बलों और हमलावरों के साथ हुई झड़पों में कम से कम दो फिलिस्तीनी मारे गए और दर्जनों लोग घायल हो गए।
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा तनाव और कड़े प्रतिबंध
इस ताजा घटना से कुछ दिन पहले ही क्षेत्र की सुरक्षा और कूटनीतिक हालात पर वैश्विक चिंताएं काफी बढ़ गई थीं। 8 सितंबर 2026 को यूके के विदेश सचिव Ed Miliband ने आधिकारिक रूप से यह बयान दिया कि वेस्ट बैंक पर इजरायल का कब्जा पूरी तरह से गैरकानूनी है। इसके साथ ही उन्होंने इजरायली बस्तियों के साथ व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाने का बड़ा ऐलान किया। उन्होंने सरकारी समर्थन से हिंसा करने वाले तत्वों की कड़ी आलोचना की। इसी दिन ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, डेमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, आयरलैंड, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, स्पेन और स्वीडन समेत कुल 12 देशों के एक साझा गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध मानी जाने वाली बस्तियों के साथ व्यापार रोकने के समर्थन में संयुक्त बयान जारी किया। ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा के प्रधानमंत्रियों ने विशेष रूप से इन बस्तियों में पैदा होने वाले सामानों के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का संकल्प लिया।
संयुक्त राष्ट्र और अमेरिकी अधिकारियों की प्रतिक्रिया
इससे पहले अमेरिका के राजदूत Mike Huckabee ने 5 सितंबर 2026 को वेस्ट बैंक में हो रही हिंसा पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर परिणामों की चेतावनी दी थी और कहा था कि अपराध हमेशा अपराध होता है और आतंक हमेशा आतंक होता है। वहीं, अगस्त 2026 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को जानकारी देते हुए संयुक्त राष्ट्र के उप विशेष समन्वयक Ramiz Alakbarov ने बताया था कि बस्तियों में होने वाली हिंसा अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 से जुलाई 2026 के बीच 3,000 से अधिक ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें लोगों को चोटें आईं या संपत्ति का नुकसान हुआ। दूसरी तरफ, इजरायल के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि ने अगस्त 2026 में यह पक्ष रखा था कि चरमपंथी हमलों में कमी आ रही है और यहूदी चरमपंथ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।