West Bank में हिंसक झड़प, इसराइली settlers के हमले में एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत.

वेस्ट बैंक के हाजेह गांव में रविवार, 6 सितंबर 2026 को उस वक्त तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया जब इसराइली सेटलर्स की गोलीबारी में एक फिलिस्तीनी नागरिक की जान चली गई। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि की है और बताया कि यह इलाका कलकिलिया के पूर्व में स्थित है। इस पूरी घटना के बाद से स्थानीय लोगों में काफी डर और गुस्सा देखा जा रहा है क्योंकि क्षेत्र में लगातार हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। आम लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और रोजमर्रा की जिंदगी जीना उनके लिए बहुत कठिन हो गया है।
पैलेसटाइन रेड क्रिसेंट सोसाइटी की रिपोर्ट और घायलों का हाल
पैलेसटाइन रेड क्रिसेंट सोसाइटी यानी PRCS के मुताबिक, इस खतरनाक हमले में कुल तीन फिलिस्तीनी लोग बुरी तरह जख्मी हो गए हैं। इनमें से दो लोगों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों का कहना है कि उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। एक पीड़ित के सिर पर गोली लगी है जबकि दूसरे को सीने के बीचों-बीच गोली मारी गई है। इसके अलावा एक 17 साल के नाबालिग लड़के की जांघ में लाइव एम्युनिशन यानी असली गोली लगने से वह घायल हो गया। इन सभी पीड़ितों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज चल रहा है।
अगस्त महीने में हमलों की डरावनी आंकड़े
यह दुखद घटना ऐसे समय पर सामने आई है जब पूरे इलाके में पिछले कुछ हफ्तों से हिंसा में भारी तेजी आई है। कॉलोनाइजेशन एंड वॉल रेजिस्टेंस कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले अगस्त के महीने में इसराइली कब्जे वाली ताकतों और सेटर्स की तरफ से कुल 2,030 हमले दर्ज किए गए। इनमें से करीब 628 घटनाएं सीधे तौर पर कॉलोनिस्ट यानी बाहरी बस्तियों में रहने वाले लोगों द्वारा की गईं। ये सभी हमले نابلس यानी नबलस, रामल्लाह, अल-बिराह, हेब्रोन, बेथलेहेम, जेनिन और यरुशलम जैसे कई बड़े गवर्नरेट या जिलों में फैले हुए हैं जो स्थिति की गंभीरता को साफ बताते हैं।
गाजा और रामल्लाह में हुई अन्य हिंसक घटनाएं
इसी दिन यानी 6 सितंबर 2026 को गाजा सिटी के रिमाल इलाके में एक इसराइली ड्रोन हमले में एक फिलिस्तीनी की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। इससे पहले हफ्ते की शुरुआत में यानी 3 सितंबर 2026 को रामल्लाह के अल-मुघय्यर गांव में झड़पों के दौरान दो फिलिस्तीनी किशोरों की जान चली गई थी। शुरुआती खबरों में पीड़ितों की पहचान 16 साल के खलील अबू आलिया और 19 साल के उमर अल-नास्सान के रूप में हुई थी, लेकिन आधिकारिक वफा समाचार एजेंसी ने बाद में साफ किया कि दोनों मृतकों की उम्र 17 साल थी। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने अल-मुघय्यर की इस घटना में कुल 11 लोगों के घायल होने की जानकारी दी जिनमें से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई गई। इस मामले पर इसराइली सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उनके सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थर और सिंडर ब्लॉक फेंके जाने के जवाब में मुख्य उपद्रवियों पर गोलियां चलाई थीं।