गाजा सिटी: मलबे से निकले 105 शवों का होगा सामूहिक अंतिम संस्कार

गाजा सिटी के अल-ताज इलाके में मलबे के नीचे दबे 105 लोगों के अवशेषों को दफनाने के लिए फिलिस्तीनी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। यह हृदयविदारक दृश्य उस मलबे से आया है, जो एक आवासीय ब्लॉक के ढहने से बना था।
17 दिनों तक चला बचाव अभियान
गाजा की सिविल डिफेंस टीम ने मिस्र की एक समिति के समन्वय के साथ मिलकर 17 दिनों तक इस मलबे को हटाने का कठिन कार्य किया। इस दौरान मलबे से 105 शव बरामद किए गए। जीवित बचे लोगों के अनुसार, अक्टूबर 2023 में हुए हमलों के दौरान इस एक ही ब्लॉक में लगभग 300 लोगों की जान गई थी, जिनमें से कई अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं।
मलबे में दबे हजारों लोग और संसाधनों की कमी
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पूरे क्षेत्र में मलबे के नीचे कम से कम 7,400 लोग दबे हुए हैं। गाजा सिविल डिफेंस के प्रमुख, राएड अल-दहशान ने चेतावनी दी है कि यदि उचित उपकरण उपलब्ध होते, तो शवों को निकालने का काम 90 दिनों में पूरा किया जा सकता था, लेकिन संसाधनों के अभाव में इस प्रक्रिया में कई साल लग सकते हैं।
वर्तमान स्थिति की चुनौतियां:
- अक्टूबर 2023 से अब तक 40 से अधिक कब्रिस्तानों का विनाश हो चुका है।
- मौजूदा कब्रिस्तानों में जगह की भारी कमी है क्योंकि वे पूरी तरह भर चुके हैं।
- युद्ध के कारण हताहतों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
बढ़ता मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय मांग
स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक 74,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं और 1,75,000 लोग घायल हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर टर्क ने अंतरराष्ट्रीय जांचकर्ताओं से गाजा में प्रवेश करने और फोरेंसिक प्रयासों में मदद करने का आह्वान किया है ताकि सबूतों का दस्तावेजीकरण किया जा सके।
वहीं, इंटरनेशनल कमीशन ऑन मिसिंग पर्सन्स ने भी सामूहिक कब्रों की सुरक्षा और शवों की पहचान करने के प्रयासों में सहायता करने की अपनी तत्परता व्यक्त की है।