सीरिया का प्राचीन शहर पलमीरा फिर से आ रहा है आबाद होने, लौटने लगे हैं पर्यटक और शुरू हुआ रिकवरी का काम.

सीरिया का प्राचीन और ऐतिहासिक शहर पलमीरा एक बार फिर से अपनी पुरानी पहचान को वापस पाने की कोशिश में जुट गया है। युद्ध की वजह से पूरी तरह तबाह हो चुके इस इलाके में अब धीरे-धीरे पर्यटकों की वापसी शुरू हो गई है और पुनर्निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। साल 20 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि इस ऐतिहासिक जगह पर अभी भी युद्ध के गहरे जख्म साफ दिखाई देते हैं, लेकिन अधिकारियों का अनुमान है कि अब इस क्षेत्र में लगभग 30,000 से 40,000 लोग यानी स्थानीय निवासी वापस रह रहे हैं। सीरियाई संघर्ष के दौरान इस शहर को बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था, खासकर आईएसआईएल (ISIL) आतंकवादियों ने यहां के प्रसिद्ध मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया था।
ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने और सुधारने का काम हुआ तेज
इस यूनेस्को (UNESCO) सूची में शामिल पुरातात्विक स्थल को फिर से ठीक करने के प्रयास अब बहुत तेज हो गए हैं। साल 2025 के आखिर में अलीफ (Aliph) और यूनिवर्सिटी ऑफ लुसाने की तरफ से एक सम्मेलन आयोजित किया गया था, जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस काम में पूरी तरह से जुट गया है। अलीफ के कार्यकारी निदेशक वैलेरी फ्रेलांड ने इस बात की पुष्टि की है कि दुनिया भर के संगठन इस ऐतिहासिक जगह को बचाने के लिए आगे आए हैं। पलमीरा संग्रहालय की मरम्मत का काम चल रहा है, दमिश्क में रखी गई पुरानी कलाकृतियों को वापस लाने की तैयारी है और प्राचीन खंडहरों तक जाने वाले पैदल पुल की मरम्मत भी की जा रही है। संग्रहालय की मरम्मत के दौरान उन मूर्तियों को वापस लाने पर ध्यान दिया जा रहा है जो इस तबाही में बच गई थीं।
जमीनी हालात अभी भी हैं काफी मुश्किल और खतरनाक
इन तमाम कोशिशों के बावजूद जमीन पर हालात अभी भी बहुत ज्यादा सुधरे नहीं हैं और लोगों के सामने खतरा बना हुआ है। आधुनिक पलमीरा शहर का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पूरी तरह से बर्बाद हो चुका है और पूरा इलाका बारूदी सुरंगों तथा बिना फटे हुए बमों से पटा पड़ा है। स्थानीय इंजीनियरों का एक समूह इन खतरनाक चीजों को साफ करने के काम में लगातार जुटा हुआ है, लेकिन इनकी मौजूदगी की वजह से आम लोगों की एक बड़ी संख्या अभी भी यहां वापस लौटने से डर रही है। यूनेस्को का साफ कहना है कि इस ऐतिहासिक शहर की पूरी तरह से बहाली तभी संभव हो पाएगी जब वहां सुरक्षा की स्थिति पूरी तरह से बेहतर हो जाएगी।
रात के समय टूर और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की पहल
इस ऐतिहासिक जगह के साथ लोगों का जुड़ाव बनाए रखने के लिए स्थानीय चैरिटी संगठनों ने अब रात के समय टूर आयोजित करना शुरू कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि सीरिया के लोग अपनी संस्कृति और विरासत से फिर से जुड़ सकें और इससे स्थानीय बाजार तथा अर्थव्यवस्था को भी थोड़ा सहारा मिल सके। सीरियाई पुरावशेष और संग्रहालय महानिदेशालय (DGAM) लगातार पुरातात्विक डेटा को इकट्ठा करने और अहम स्मारकों को सुरक्षित करने में लगा हुआ है। हालांकि, कुछ लोगों के मन में अभी भी यह चिंता बनी हुई है कि पुरानी चीजों और कलाकृतियों को बचाने पर ज्यादा ध्यान देने की वजह से खंडहरों के बीच रह रहे आम लोगों की जरूरी और बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज किया जा रहा है।