Iraqi Waters में पनामा के टैंकर पर ड्रोन से हमला, 20 लाख बैरल तेल ले जा रहे जहाज पर लगी आग.

बुधवार, 9 सितंबर 2026 को इराकी क्षेत्रीय जल में एक बड़ी समुद्री सुरक्षा घटना सामने आई, जहां पनामा के झंडे वाले एक टैंकर New Andros को ड्रोन हमले का सामना करना पड़ा। इस खतरनाक हमले के समय जहाज पर लगभग 20 लाख बैरल इराकी ईंधन तेल लदा हुआ था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। रॉयटर्स द्वारा दो पोर्ट अधिकारियों के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस हमले के बाद जहाज पर भयानक आग भड़क उठी, जिसे बुझाने के लिए तुरंत इराकी बचाव टीमों को मौके पर भेजा गया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत यह रही कि इस गंभीर घटना में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान या हताहत होने की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अधिकारियों के बयान
जनरल कंपनी फॉर इराकी पोर्ट्स के प्रमुख फरहान अल-फर्तौसी ने जानकारी दी कि यह हमला तट से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर हुआ था। वहीं, इराक की सिक्योरिटी मीडिया सेल के प्रमुख साद मान ने इस घटना को कायरतापूर्ण तोड़फोड़ और इराकी संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इराक इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार सुरक्षित रखता है। इसके अलावा, इराकी तेल मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारों और ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में नेविगेशन की सुरक्षा को क्षेत्रीय संघर्षों से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाना चाहिए ताकि व्यापार प्रभावित न हो।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी इसी दिन अपनी रिपोर्ट में बताया कि उत्तरी खाड़ी और ओमान की खाड़ी में चल रही सैन्य गतिविधियों के दौरान कई अन्य कमर्शियल जहाजों को भी डिसेबलिंग फायर यानी निष्क्रिय करने वाली गोलीबारी का निशाना बनाया गया था। UKMTO ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि ये जहाज क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के दायरे में आए हैं और इस मामले की गहन जांच लगातार जारी है। नाविकों और जहाजों के संचालन करने वालों को सलाह दी गई है कि वे ताजा समुद्री सुरक्षा जानकारियों पर पूरी नजर बनाए रखें और सतर्क रहें।
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी हमलों के आरोपों के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने 9 सितंबर 2026 को ऐलान किया कि उसकी नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में दो अमेरिकी जहाजों और आठ तेल टैंकरों को अपना निशाना बनाया है। IRGC ने यह भी दावा किया कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के एक प्रतिबंधित और असुरक्षित क्षेत्र को पार करने की कोशिश कर रहे 10 जहाजों पर भी हमले किए। इसके अलावा, ईरान के इस संगठन ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी अल-अजraq बेस पर भी हमले करने की घोषणा की। IRGC ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि कुवैत और बहरीन के उन बंदरगाहों पर खड़े जहाजों को भी निशाना बनाया जाएगा जो अमेरिकियों को आश्रय दे रहे हैं, और उन्होंने चालक दल के सदस्यों से तुरंत अपने जहाजों को खाली करने की अपील की है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने रिपोर्ट दी कि अमेरिकी बलों ने ईरान के पांच कच्चे तेल के वाहकों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है, क्योंकि पिछले दो दिनों में IRGC ने एक अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 8 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि अमेरिका जवाबी कार्रवाई के तहत ईरानी टैंकरों को निशाना बनाना जारी रखेगा। इस पूरे घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के बीच चिंता का माहौल बन गया है, हालांकि अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।