Strait of Hormuz में पनामा टैंकर पर हमला, सभी 27 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित

Strait of Hormuz में पनामा ध्वज वाले टैंकर MT Louise 1 पर हमला हुआ। जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।

Gautam Sahu31 October 20262 min read0 viewsWorld
Strait of Hormuz में पनामा टैंकर पर हमला, सभी 27 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित

ओमान तट: Strait of Hormuz से गुजर रहे पनामा ध्वज वाले तेल टैंकर MT Louise 1 पर हमला हुआ है। इस हमले में जहाज पर सवार सभी 27 भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बच गए हैं।

यह घटना 30 अक्टूबर 2026 को हुई जब ओमान तट से 25 समुद्री मील दूर एक अज्ञात छोटी नाव ने जहाज के निचले हिस्से (हल) पर चुंबकीय लिम्पेट माइन्स चिपका दिए। इसके बाद जहाज के इंजन रूम में आग लग गई। चालक दल के 27 भारतीय सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया।

यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने जानकारी दी है कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ और न ही समुद्र में तेल का रिसाव हुआ है। जहाज ने अब अपनी यात्रा दोबारा शुरू कर दी है। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पुष्टि की कि सभी 27 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।

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यह हमला 29 अक्टूबर 2026 को हुए एक अन्य हमले के ठीक बाद हुआ है, जिसमें लाइबेरिया ध्वज वाले VLCC MT Arzanah को एक प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया था। उस जहाज के चालक दल में भी दो भारतीय शामिल थे। मंत्री सोनोवाल ने बताया कि इन दोनों हालिया हमलों में कुल 29 भारतीय नाविक सुरक्षित रहे हैं।

मैरीटाइम रिस्क ग्रुप 'मैरिस्क्स' के मुताबिक, लिम्पेट माइन्स का इस्तेमाल एक कम तकनीकी लेकिन प्रभावी तरीका है, जिसका मकसद जहाज को पूरी तरह नष्ट किए बिना तेल की आपूर्ति में बाधा डालना होता है। फाइनेंशियल टाइम्स सहित कुछ रिपोर्टों में तेहरान का नाम आया है, हालांकि अब तक किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, पिछले आठ महीनों के संघर्ष में अब तक 22 भारतीय नागरिकों की जान जा चुकी है, जिनमें 14 नाविक थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 28 अक्टूबर को कहा था कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहराई से चिंतित है।

इससे पहले सऊदी अरब में हूती हमलों के कारण तीन भारतीयों की मौत हुई थी। 10 अक्टूबर को रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले में हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल मोहम्मद यूसुफ अली की मौत हो गई थी और अन्य भारतीय घायल हुए थे। वहीं 11 अक्टूबर को ओमान तट पर MT पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमले के बाद उत्तर प्रदेश के दो नाविक लापता हो गए थे।

फरवरी में संघर्ष तेज होने के बाद से इस क्षेत्र से लगभग 3 लाख भारतीयों को निकाला जा चुका है। अकेले सऊदी अरब में 27.4 लाख भारतीय प्रवासी रहते हैं।

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