उत्तरी साइप्रस के पास पलटी यात्रियों से भरी नाव, 267 लोग थे सवार, बचाव अभियान जारी.

Nura Basta30 August 20262 min read20 viewsWorld
उत्तरी साइप्रस के पास पलटी यात्रियों से भरी नाव, 267 लोग थे सवार, बचाव अभियान जारी.

उत्तरी साइप्रस के तट के पास रविवार, 30 अगस्त 2026 को यात्रियों से भरी एक नाव के पलट जाने के बाद बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। यह नाव उत्तरी साइप्रस के Kyrenia Port से तुर्की के मर्सीन प्रांत के Tasucu Port की ओर जा रही थी और तट से लगभग 4 मील (6.44 किलोमीटर) दूर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना के कारण पानी में फंसे लोगों को बचाने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है और लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

नाव में कुल कितने लोग थे सवार

उत्तरी साइप्रस के परिवहन मंत्री Erhan Arikli ने इस बात की पुष्टि की है कि दुर्घटनाग्रस्त हुई नाव पर कुल 267 लोग सवार थे। इनमें 259 यात्री और 8 क्रू मेंबर शामिल थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नाव में अचानक पानी भरना शुरू हो गया था, हालांकि इसके सटीक कारणों की अभी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि घटना के समय समुद्र में लहरें काफी तेज और मौसम बेहद खराब था। चश्मदीदों के अनुसार, जब नाव पलटने लगी तो कुछ घबराए हुए यात्रियों ने जान बचाने के लिए समुद्र में छलांग लगा दी थी।

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बचाव कार्यों में जुटी कई एजेंसियां

इस गंभीर हादसे की सूचना मिलते ही तुर्की साइप्रस के तटरक्षक बल यानी कोस्ट गार्ड, पोर्ट अथॉरिटी और विशेष बचाव टीमों को तुरंत घटनास्थल पर भेज दिया गया। इस राहत और बचाव कार्य में एक बचाव हेलीकॉप्टर के साथ-साथ मछली पकड़ने वाली नावें और एक अन्य यात्री जहाज जैसे कई नागरिक जहाज भी मदद कर रहे हैं। उत्तरी साइप्रस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि बचाए जाने वाले लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता देने के लिए सभी आवश्यक और आपातकालीन मेडिकल तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

Kyrenia के मेयर Murat Senkul ने इस पूरी स्थिति को बेहद गंभीर करार दिया है। स्थानीय प्रशासन और राहत दल मिलकर लगातार पानी में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि हर एक पीड़ित तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके। खराब मौसम और गहरे पानी के बावजूद बचाव कर्मियों का यह अभियान लगातार जारी है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से निपटा जा सके और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके।

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