ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य हमले की तैयारी में अमेरिका, पेंटागन ने CENTCOM को दिया निर्देश

मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य अभियानों की तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक रास्ते लगभग बंद नजर आ रहे हैं और क्षेत्र में युद्ध की आहट सुनाई दे रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह निर्देश कुछ दिन पहले ही जारी किया गया था। हालांकि, पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक तैयारी का हिस्सा है और इसका मतलब यह नहीं है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य हमले का अंतिम फैसला ले लिया है। रक्षा विभाग का काम राष्ट्रपति के सामने विभिन्न सैन्य विकल्प रखना है, जबकि व्हाइट हाउस का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास इस संघर्ष को लेकर सभी विकल्प खुले हैं।
कैंप डेविड की बैठक और रणनीतिक योजना
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे पिछले हफ्ते कैंप डेविड में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक है। उपराष्ट्रपति जेडी वैंस की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष और यमन में सऊदी-हुथी युद्ध की गंभीर स्थिति पर चर्चा की। विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इन चर्चाओं को दीर्घकालिक विदेश नीति नियोजन का हिस्सा बताया है।
सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी रणनीतिकार ईरान के परमाणु केंद्रों, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। इस समयसीमा को अमेरिका के आगामी मध्यावधि चुनावों और इजरायल के चुनावों के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति ट्रंप ने 6 अक्टूबर को सार्वजनिक रूप से संकेत दिया कि अब उनकी तेहरान के साथ किसी भी समझौते में कोई दिलचस्पी नहीं है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगायी ने कहा है कि अमेरिका के प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया मध्यस्थों के जरिए दी जाएगी।
क्षेत्रीय तनाव केवल ईरान तक सीमित नहीं है। सऊदी अरब और हुथी विद्रोहियों के बीच युद्ध और तेज हो गया है, जहां सऊदी बलों ने हुथी ठिकानों पर हमले किए हैं। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के ईरानी दावों को CENTCOM ने खारिज कर दिया है, हालांकि ईरान और ओमान ने वहां सुरक्षित पारगमन मार्गों पर सहमति जताई है।