अमेरिका को ईरान संघर्ष में बड़ा झटका, पेंटागन ने कन्फर्म किया कि अब तक 820 अमेरिकी सैनिक हुए घायल.

Nura Basta8 September 20262 min read28 viewsWorld
अमेरिका को ईरान संघर्ष में बड़ा झटका, पेंटागन ने कन्फर्म किया कि अब तक 820 अमेरिकी सैनिक हुए घायल.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच पेंटागन की ओर से एक नया और चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। पेंटागन के कैजुअल्टी डेटाबेस के अनुसार, इस संघर्ष में अमेरिका के 30 और सैनिक घायल हो गए हैं, जिसके बाद घायल होने वाले अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या बढ़कर 820 हो गई है। यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और तब से लगातार दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी है। अमेरिकी सैन्य बलों में मरने वालों की संख्या अभी भी 18 पर बनी हुई है, जिसकी पुष्टि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सार्वजनिक रूप से की है।

संघर्ष के दो चरण और आंकड़े

इस संघर्ष में 7 जुलाई को एक असफल युद्धविराम के बाद भारी तेजी देखने को मिली थी। अमेरिकी सेना ने इस पूरे सैन्य अभियान को दो हिस्सों में बांटा है, जिसमें पहला Operation Epic Fury और दूसरा Overseas Operations शामिल है। घायलों और मृतकों के आंकड़ों में समय-समय पर बदलाव देखा गया है। पिछले महीने 4 सितंबर 2026 तक पेंटागन ने 794 सैनिकों के घायल होने और 18 के मारे जाने की बात कही थी। वहीं, स्वतंत्र स्रोतों और विकिपीडिया के आंकड़ों के मुताबिक, 7 सितंबर 2026 तक कुछ रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 20 और घायलों की संख्या 762 तक बताई गई थी, जो अलग-अलग रिपोर्ट्स के आधार पर बदलती रहती है।

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मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और हमले

पूरे खाड़ी क्षेत्र में हालात काफी ज्यादा तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने हाल ही में ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने के अपने अभियान के तहत खर्ग द्वीप (Kharg Island) और जास्क (Jask) के पास ईरानी टैंकरों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, भले ही इसके लिए कितनी भी सैन्य कार्रवाई करनी पड़े। दूसरी तरफ, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मार्च 2026 से लेकर 1 सितंबर 2026 तक तेहरान और हॉर्मोजगान प्रांत में एक शादी पर हुए हमलों में नागरिकों के हताहत होने की घटनाओं की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने अमेरिकी सैन्य रुख की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अमेरिका का यह आर्थिक दबाव अपने मकसद में पूरी तरह फेल साबित हुआ है। इस बीच क्षेत्रीय अस्थिरता का असर खाड़ी के दूसरे देशों पर भी साफ दिख रहा है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए, जिसमें 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इस लगातार बढ़ते संघर्ष और हमलों के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

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