ईरान की कोशिशों के बावजूद फारस की खाड़ी से तेल निर्यात बढ़ा, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि तेहरान की धमकियां विफल रहीं

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान की कोशिशों के बावजूद फारस की खाड़ी से तेल निर्यात संघर्ष पूर्व स्तर से ऊपर निकल गया है।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान की कोशिशों के बावजूद फारस की खाड़ी से तेल निर्यात बढ़ा, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि तेहरान की धमकियां विफल रहीं

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान द्वारा ऊर्जा शिपमेंट में बाधा डालने की कोशिशों के बावजूद फारस की खाड़ी से होने वाला तेल निर्यात अब संघर्ष से पहले के स्तर को पार कर गया है। बेसेंट ने स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजारों तक ऊर्जा की आपूर्ति रोकने में तेहरान की धमकियां नाकाम रही हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में बेसेंट ने बताया कि फारस की खाड़ी से तेल निर्यात तेजी से वापस लौट रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से यह साफ संदेश मिलता है कि ईरान ऊर्जा प्रवाह को रोकने में सफल नहीं हुआ है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले शिपमेंट को लेकर तनाव बना हुआ है।

दूसरी ओर, ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी के हवाले से खबर दी है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो सुपरटैंकर एक समुद्री माइन से टकरा गए। इस हादसे के बाद जहाजों में विस्फोट और आग लग गई। IRGC ने दावा किया कि इन जहाजों ने जलडमरूमध्य के अनधिकृत दक्षिणी मार्ग से गुजरने की कोशिश की थी।

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IRGC नेवी के मुताबिक, इन दोनों टैंकरों में कुल 45 लाख बैरल से ज्यादा कच्चा तेल था। विस्फोट के कारण इंजन रूम खराब हो गए और जहाजों के चालक दल ने उन्हें छोड़कर सुरक्षित दूरी बना ली। ये जहाज अब होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी तट पर रुके हुए हैं।

इसी बीच तुर्किये में अमेरिकी राजदूत और डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत टॉम बैरक ने संकेत दिया है कि इस सप्ताहांत ईरान पर अमेरिकी हमला हो सकता है। एक इंटरव्यू में बैरक ने कहा कि इसकी पूरी संभावना है, हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी तेहरान के साथ समझौते के लिए तैयार हैं।

बैरक ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत के लिए खुले हैं, लेकिन अमेरिका, उसके सहयोगियों और खाड़ी देशों के खिलाफ जारी धमकियों के नतीजे भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि परमाणु प्रसार और यूरेनियम संवर्धन जैसे मुद्दे अभी भी बातचीत का हिस्सा हैं। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज करने और प्रतिबंधों में ढील देने जैसे विषयों पर भी चर्चा हो रही है।

फ्लोरिडा पहुंचने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने तत्काल हमले की संभावना के बारे में पूछे जाने पर अनजान बनने का नाटक किया, हालांकि उन्होंने अपने विकल्प खुले रखे हैं। इस बीच पाकिस्तान और कतर जैसे क्षेत्रीय देश वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मतभेदों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

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