Peru का बड़ा फैसला, ईरान के साथ तोड़े कूटनीतिक संबंध, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का दिया हवाला.

Aanya2 September 20262 min read30 viewsWorld
Peru का बड़ा फैसला, ईरान के साथ तोड़े कूटनीतिक संबंध, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का दिया हवाला.

पेरू सरकार ने ईरान के साथ अपने सभी कूटनीतिक संबंधों को पूरी तरह से समाप्त करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। 2 सितंबर 2026 को पेरू के विदेश मंत्रालय ने यह बड़ा कदम उठाया, जिसके पीछे मध्य पूर्व में चल रही भारी सैन्य उथल-पुथल और तनाव मुख्य कारण रहे। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर ईरान की नीतियों पर सवाल खड़े हो गए हैं और लैटिन अमेरिकी देश ने सीधे तौर पर तेहरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ईरान पर लगे गंभीर आरोप और समुद्री बाधा

पेरू सरकार ने इक्वाडोर में स्थित ईरान के दूतावास के जरिए अपना औपचारिक संदेश भेजा था। सरकार का कहना है कि ईरान लगातार मध्य प्रदेश में संघर्षों को बढ़ावा दे रहा है और फारस की खाड़ी के पास स्थित Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को रोक रहा है। इसके अलावा, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी यानी IAEA के साथ सहयोग न करने और उसके कामकाज में बाधा डालने का भी ईरान पर आरोप लगाया गया है। पेरू की राष्ट्रपति Keiko Fujimori की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है।

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मानव अधिकार और क्षेत्रीय संघर्ष

पेरू के विदेश मंत्रालय ने ईरान के अंदर मानवाधिकारों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। सरकार ने कहा कि ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को दबाया जा रहा है, प्रेस की आजादी पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं और महिलाओं तथा बच्चियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसके साथ ही राजनीतिक विरोधियों पर हो रहे अत्याचार भी इस रिश्ते को तोड़ने की बड़ी वजह बने। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी तनातनी चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इराक के इरबिल में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने भी ईरान के रडार सिस्टम, संचार केंद्रों और सैन्य संपत्तियों पर जवाबी कार्रवाई की।

दूतावास के रिश्ते खत्म, लेकिन कांसुलर सेवाएं रहेंगी जारी

भले ही पेरू ने ईरान के साथ अपने पूर्ण राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते तोड़ लिए हैं, लेकिन सरकार ने यह भी साफ किया है कि दोनों देशों के नागरिकों और उनके हितों की रक्षा के लिए कांसुलर संबंध सामान्य रूप से जारी रहेंगे। यह पूरी प्रक्रिया विएना कन्वेंशन के नियमों के अनुसार ही चलाई जाएगी ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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