पेशावर में स्कूल की इमारत ढही, कम से कम 29 लोगों की मौत

पेशावर (पाकिस्तान): पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को दीर कॉलोनी स्थित अल-ख़ैर एजुकेशन सेंटर की इमारत ढह गई। इस हादसे में कम से कम 29 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज़्यादातर 13 साल या उससे कम उम्र के बच्चे और एक महिला शिक्षिका शामिल हैं।
बाद में आई कुछ रिपोर्टों में मौतों की संख्या 33 बताई गई, जिसमें 32 बच्चे और एक शिक्षिका शामिल हैं। इसके अलावा 50 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
बचाव अभियान में पेशावर पुलिस, रेस्क्यू 1122 और पाकिस्तान सेना के जवान शामिल थे। मलबे में फंसे सभी लोगों को निकाले जाने के बाद उसी दिन यह अभियान खत्म हुआ। घायलों को लेडी रीडिंग अस्पताल (एलआरएच) ले जाया गया, जहां इमरजेंसी घोषित की गई। प्रांतीय सरकार की प्रवक्ता समर हारून बिलौर ने अस्पताल के स्टाफ़ को पीड़ितों के इलाज को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
पेशावर पुलिस प्रमुख सईद अहमद ने स्कूल के मालिक चौधरी असलम की गिरफ़्तारी की पुष्टि की। अधिकारियों ने प्रशासन पर "भारी लापरवाही" का आरोप लगाया है, क्योंकि तीन मंज़िला यह इमारत एक संकरी गली में और कमज़ोर ढांचे की हालत में चलाई जा रही थी। बताया गया है कि इस स्कूल को एक वेलफेयर ट्रस्ट चलाता था।
असलम के खिलाफ पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 284, 285, 286 और 337-एच के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला जिला शिक्षा अधिकारी मज़हर मदनी की औपचारिक शिकायत पर दर्ज हुआ है।
राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी और प्रधानमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ ने शोक व्यक्त किया है। ज़रदारी ने इमारतों के सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच की मांग की है। खैबर पख्तूनख्वा के गवर्नर फ़ैसल करीम कुंडी ने घटना पर औपचारिक रिपोर्ट मांगी है और अधिकारियों को घायलों को बेहतर इलाज देने के निर्देश दिए हैं।
प्रांतीय सरकार ने हादसे की जांच के लिए एक समिति बनाई है। यह समिति इमारत में संरचनात्मक कमियों, घटिया सामग्री के इस्तेमाल और निर्माण नियमों के उल्लंघन की जांच करेगी। इस घटना के बाद पाकिस्तान में निर्माण मानकों को लागू करने को लेकर फिर से चिंता उठ खड़ी हुई है।