PhonePe को UAE में मिली बड़ी मंजूरी, अब पेमेंट मार्केट में करेगा धमाकेदार एंट्री.

भारत की मशहूर डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe को संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के सेंट्रल बैंक से बड़ा तोहफा मिला है। सेंट्रल बैंक ने कंपनी को दो पेमेंट लाइसेंस के लिए सैद्धांतिक यानी इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे दी है। यह किसी भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी की पहली रेगुलेटरी अप्रूवल है, जिससे यूएई के बाजार में उनके कदम रखने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। इस बड़ी खबर के सामने आने के बाद से ही डिजिटल ट्रांजैक्शन की दुनिया में चर्चाएं तेज हो गईं हैं और इसका सीधा फायदा वहां रहने वाले लोगों और कारोबारियों को मिलने वाला है।
क्या कहती है कंपनी और अधिकारियों की योजना
कंपनी की तरफ से दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह मंजूरी शुरुआती रेगुलेटरी जांच पूरी होने के बाद मिली है। PhonePe के इंटरनेशनल पेमेंट्स के सीईओ और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Ritesh Pai ने कहा कि वह इस अप्रूवल को पाकर बेहद खुश हैं। उनका मानना है कि यूएई का विजन और वहां का मजबूत नियम-कानून उनके अंतरराष्ट्रीय सफर के लिए एकदम सही जगह है। फाइनल अप्रूवल मिलने के बाद कंपनी वहां के लोकल बैंकों, लाइसेंस प्राप्त पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और स्थानीय टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि यूएई को कैशलेस अर्थव्यवस्था बनाने में पूरा सहयोग मिल सके।
लाखों यूजर्स और मर्चेंट्स का मिलेगा अनुभव
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि PhonePe का टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बहुत बड़े पैमाने पर ट्रांजैक्शन संभालने में पूरी तरह सक्षम है। भारत में इस समय इस प्लेटफॉर्म से 700 million से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स और 50 million मर्चेंट्स जुड़े हुए हैं। कंपनी यूएई के घरेलू पेमेंट सिस्टम जैसे कि Aani और Jaywan को भी अपने प्लेटफॉर्म के जरिए सपोर्ट करने की पूरी योजना बना रही है। यूएई सरकार के फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम और डिजिटल इकोनॉमी एजेंडा के साथ कंपनी की ये विस्तार योजनाएं पूरी तरह मेल खाती हैं।
भारत और यूएई के बीच मजबूत होंगे व्यापारिक रिश्ते
अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से यूएई, भारत और वैश्विक बाजारों के बीच व्यापारिक रिश्ते और ज्यादा मजबूत होंगे। इसके अलावा, यूएई और भारत के बीच पहले से ही क्रॉस-बेरडर पेमेंट की सुविधा मौजूद है। NPCI International Payments Limited यानी NIPL के साथ साझेदारी के जरिए भारतीय यात्री पहले से ही यूएई में लोकल QR कोड स्कैन करके NEOPAY और नेटवर्क इंटरनेशनल टर्मिनल्स पर भुगतान कर पा रहे हैं। अब इन नए लाइसेंस मिलने से वहां रहने वाले स्थानीय नागरिकों और प्रवासियों को भी रोजमर्रा के पेमेंट करने में काफी आसानी होगी। फिलहाल कंपनी फाइनल अप्रूवल के लिए जरूरी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी है जिसके बाद जल्द ही कमर्शियल लॉन्च किया जाएगा।