UAE में PhonePe को मिली बड़ी मंजूरी, अब भारतीय प्रवासियों को मिलेगा डिजिटल पेमेंट का नया फायदा।

दुबई और बेंगलुरु में भारतीय फिनटेक कंपनी PhonePe ने एक बड़ा कदम उठाया है। 22 सितंबर 2026 को कंपनी ने ऐलान किया कि उसे सेंट्रल बैंक ऑफ द UAE (CBUAE) से दो जरूरी लाइसेंसों के लिए सैद्धांतिक यानी इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिल गई है। इन लाइसेंसों में रिटेल पेमेंट सर्विसेज एंड कार्ड स्कीम्स यानी RPSCS और स्टोर्ड वैल्यू फैसिलिटीज यानी SVF शामिल हैं। इस नियम के पास होने से कंपनी का विदेश में कारोबार बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। यूएई में रहने वाले करीब 43 लाख भारतीय इस नई सुविधा के मुख्य यूजर होंगे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में PhonePe का बड़ा कदम
इंटरनेशनल पेमेंट्स के सीईओ रितेश पाई ने कहा कि यूएई उनकी कंपनी के ग्लोबल सफर के लिए सबसे सही जगह है। जब ये लाइसेंस पूरी तरह से फाइनल हो जाएंगे, तो फोनपे वहां लोकल डिजिटल वॉलेट शुरू कर पाएगा, कार्ड स्कीम चला पाएगा और यूएई के फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम से जुड़ पाएगा। इसमें आनी और जयवान के साथ जुड़ने की संभावना भी शामिल है। इस महीने की शुरुआत में ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल के दौरान फोनपे के सीईओ समीर निगम ने भी यूएई को कंपनी का पहला विदेशी बाजार बताया था.
प्रवासियों और यात्रियों को क्या होगा फायदा
यूएई में रहने वाले भारतीय अपने देश में हर साल अरबों डॉलर भेजते हैं। इस नई सुविधा से उन लोगों को बहुत आसानी होगी। अभी तक भारत के यात्री और कुछ एनआरआई एनपीसीआई इंटरनेशनल के जरिए यूपीआई सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन नए लाइसेंस मिलने के बाद NRE और NRO खातों के साथ सीधा जुड़ाव हो सकेगा और स्थानीय मुद्रा में लेनदेन करना आसान हो जाएगा। हालांकि इस बड़ी सफलता के बाद भी कंपनी को अभी सेंट्रल बैंक की कुछ और शर्तों को पूरा करना होगा। साथ ही स्थानीय बैंकों और लाइसेंस प्राप्त पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के साथ पार्टनरशिप करनी होगी और कमर्शियल लॉन्च से पहले वहां का बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा।
बाजार में प्रतिस्पर्धा और आगे की योजना
मार्केट के जानकारों का कहना है कि यह कदम फोनपे के लिए बहुत काम का साबित होगा क्योंकि भू-राजनीतिक हलचल की वजह से कंपनी का पब्लिक मार्केट आईपीओ अभी रुका हुआ है। अब बाजार के लोगों को सेंट्रल बैंक की तरफ से फाइनल मंजूरी मिलने की तारीख का इंतजार है। साथ ही लोग यह भी जानना चाहते हैं कि इस नई सर्विस का दायरा कितना होगा, फीस कितनी लगेगी और Paytm या Google Pay जैसी दूसरी कंपनियां इस पर क्या प्रतिक्रिया देंगी। जब तक पूरी तरह से लाइसेंस नहीं मिल जाता, तब तक लोगों को सलाह दी जाती है कि यह प्लेटफॉर्म अभी यूएई के पुराने बैंकिंग ऐप्स की जगह पूरी तरह काम नहीं करेगा।