अबू फलाह के पास फोटो जर्नलिस्ट पर हमले के मामले में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि तथ्य अभी स्पष्ट नहीं हैं और जांच जारी है

तेल अवीव (इजरायल): वाशिंगटन पोस्ट की फोटो जर्नलिस्ट हीडी लेविन पर हुए कथित हमले के मामले में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इस घटना से जुड़े तथ्य अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं और इसकी जांच की जा रही है।
इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर किसी भी व्यक्ति, चाहे वह यहूदी हो, अरब, ईसाई या पत्रकार, उनके खिलाफ हिंसा की कड़ी निंदा की है। कार्यालय ने कहा कि इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर बताया कि अबू फलाह के पास हुई इस झड़प के दौरान दोनों पक्षों के नकाबपोश लोग चीजें फेंकते हुए देखे गए। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 200 अरब और वामपंथी कार्यकर्ताओं का सामना लगभग 40 इजरायली युवाओं से हुआ था।
बयान में यह भी कहा गया कि कुछ फुटेज में हीडी लेविन को गिरते हुए और फिर उसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा तुरंत उठाया जाते हुए देखा गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हिंसा की शुरुआत किसने की थी।
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह विवादित घटनाओं का इस्तेमाल जुडिया और समरिया के कानून मानने वाले लाखों यहूदी निवासियों को बदनाम करने के लिए नहीं होने देंगे। उन्होंने जोर दिया कि निष्कर्ष तथ्यों के आधार पर होने चाहिए, न कि हेडलाइन्स के आधार पर।
इससे पहले वाशिंगटन पोस्ट ने खबर दी थी कि हीडी लेविन को अबू फलाह के पास धक्का दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद उन्हें रामल्लाह और इजरायल के अस्पतालों में ले जाया गया।
रिपोर्ट के अनुसार लेविन की एक पसली और चार कशेरुक (vertebrae) टूट गए हैं। उनकी एक उंगली भी गंभीर रूप से फट गई है जिससे हड्डी दिखने लगी है और अब उनका ऑपरेशन होगा। लेविन ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें करीब 50 बार लात मारी गई।