पीएम मोदी का बिश्केक में बड़ा बयान, कहा आतंकवाद को किसी भी देश के लिए नहीं होना चाहिए हथियार

Praggya Singh sabal1 September 20262 min read17 viewsIndia
पीएम मोदी का बिश्केक में बड़ा बयान, कहा आतंकवाद को किसी भी देश के लिए नहीं होना चाहिए हथियार

प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26th SCO Summit के दौरान आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया के सामने भारत का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद को कोई भी देश अपनी रणनीति का हिस्सा नहीं बना सकता है और इसके खिलाफ वैश्विक स्तर पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। यह बैठक किर्गिस्तान के बिश्केक स्थित Yrys Ordo Congress Hall में आयोजित की गई थी, जो August 31 to September 1, 2026 तक चली। इस सम्मेलन में आतंकवाद के खात्मे के लिए वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने की बात पर जोर दिया गया। इस संबंध में अधिक जानकारी आप NewsOnAir की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

आतंकवाद पर दोहरे मापदंड के खिलाफ कड़ी चेतावनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में साफ किया कि आतंकवाद से मुकाबले में किसी भी तरह के दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। जिन देशों की तरफ से आतंकवादियों को पनाह दी जाती है, उन्हें अब बहुत ही सख्त संदेश देने का समय आ गया है। इस शिखर सम्मेलन में दस सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया, जिनमें किर्गिस्तान के राष्ट्रपति Sadyr Japarov, चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping, रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif शामिल रहे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना और आपसी सहयोग को बढ़ावा देना था। विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग के अनुसार, इस सम्मेलन से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट MEA Official Website पर उपलब्ध कराई गई है।

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युद्ध नहीं बल्कि बातचीत से निकलेगा समाधान

शिखर सम्मेलन के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जंग और तनाव के दौर में युद्ध का मैदान किसी समस्या का हल नहीं हो सकता है। इसके बजाय आपसी बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र ऐसा रास्ता है जिससे सभी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने ड्रग्स के अवैध कारोबार को युवाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन के सभी तंत्रों का मिलकर इस्तेमाल करने की अपील की ताकि इस गंभीर समस्या से सख्ती से निपटा जा सके।

ईरान और अन्य देशों की सहभागिता

इस महत्वपूर्ण बैठक में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी हिस्सा लिया और एसएसीओ की संस्थागत क्षमताओं को और मजबूत करने पर जोर दिया ताकि चरमपंथ और सुरक्षा संबंधी खतरों का मिलकर सामना किया जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बल प्रयोग से क्षेत्रीय और वैश्विक शांति खतरे में पड़ सकती है। इस सम्मेलन में बेलारूस, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तजिकिस्तान के नेताओं ने भी शिरकत की। बैठक के दौरान मुख्य रूप से अफगानिस्तान में सक्रिय आतंकवादी समूहों की गतिविधियों और उससे पैदा होने वाले क्षेत्रीय खतरों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस वैश्विक और क्षेत्रीय बैठक के बारे में और अधिक जानकारी NewsOnAir Portal पर पढ़ी जा सकती है।

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