PoGB Assembly: पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बलूतिस्तान में स्वास्थ्य और शिक्षा की हालत खराब, lawmakers ने उठाई आवाज़।

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बलूतिस्तान में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय lawmakers ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। असेंबली की हालिया कार्यवाही के दौरान नेताओं ने साफ तौर पर कहा कि क्षेत्र के दूरदराज और विकासशील इलाकों में स्वास्थ्य और शिक्षा का बुरा हाल है। इस गंभीर मुद्दे पर सरकार से तुरंत दखल देने की मांग की गई है ताकि आम जनता को हो रही परेशानियों से राहत मिल सके।
Skardu क्षेत्र में अस्पताल और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी
असेम्बली के सदस्यों ने विशेष रूप से Skardu क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे पर बढ़ते दबाव का बड़ा मुद्दा उठाया। असेंबली सदस्य Kazim Maisam ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय मुख्यालय अस्पताल यानी RHQ Hospital पर पूरे बाल्टिस्तान क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ घूमने आने वाले पर्यटकों का भी बहुत भारी बोझ है। इस सीजन में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में जरूरी मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी है। हालांकि वहां बर्न सेंटर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन आज तक वहां पर्याप्त स्टाफ और अन्य जरूरी मशीनरी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा उन्होंने Gamba Skardu स्थित बेनजीर शहीद मेमोरियल अस्पताल के अपग्रेडेशन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अस्पताल की क्षमता को 10 बेड से बढ़ाकर 30 बेड करने की बात सिर्फ कागजों और एक संविदा यानी कॉन्ट्रैक्ट तक ही सीमित रह गई है, जमीन पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर भी उठे गंभीर सवाल
स्वास्थ्य के अलावा शिक्षा का मुद्दा भी असेंबली की बैठक में प्रमुखता से छाया रहा। lawmakers ने मांग की कि PoGB के पिछड़े और दूरदराज के इलाकों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही उच्च स्तर के पाठ्यक्रमों से जुड़े लंबित प्रस्तावों पर सरकार को तेजी से काम करना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य खराब न हो।
PoGB असेंबली के सदस्य Sohail Abbas ने कहा कि पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों को स्नातक यानी B.S. और परास्नातक यानी M.S. दोनों स्तरों की पढ़ाई के लिए अच्छी सुविधाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि असेंबली के पिछले सत्र में केवल B.S. स्तर के मामलों पर ही ध्यान दिया गया था। उन्होंने संबंधित मंत्री से अपील की कि वे इस संबंध में पहले से पास हो चुके आवेदन पर जल्द से जल्द कार्रवाई करें।
उन्होंने सदन के नेता और विपक्ष के नेता दोनों से अनुरोध किया कि वे इस मामले को गंभीरता से लें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर इसमें वेंडर्स को शामिल नहीं भी किया जाता है, तो भी इस काम में कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ या खर्चा नहीं आएगा। इस मामले के हल होने से PoGB के छात्रों को पढ़ाई के दौरान आ रही दिक्कतों से बड़ी राहत मिलेगी। इन तमाम मुद्दों से साफ है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बलूतिस्तान में बुनियादी सेवाओं की स्थिति बेहद दयनीय है और लोग लगातार बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।