PoJK में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कार्यकर्ता ने अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की
मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने PoJK में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग की है।

ग्लासगो (स्कॉटलैंड): पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) में एक हमले में तीन बच्चों समेत एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई है। इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता अमजद अयूब मिर्जा ने संयुक्त राष्ट्र, भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है।
जम्मू कश्मीर तहरीक-ए-इत्तेफाक-ए-राय के चेयरमैन अमजद अयूब मिर्जा ने 30 अक्टूबर को जारी एक प्रेस बयान में बताया कि एक रिहायशी घर पर ग्रेनेड या रॉकेट से हमला हुआ। इस हमले में 12 साल के हैरिस, 8 साल की मलाइका, 15 साल की अनिका, उनकी मां शाजिया और दादी नसीबा की जान चली गई।
स्थानीय सूत्रों के हवाले से मिर्जा ने दावा किया कि घर पर एक विस्फोटक प्रोजेक्टाइल गिरने से यह हादसा हुआ। शुरुआती आरोपों के मुताबिक, इस हमले में बेलारूस में विकसित MM-60 रॉकेट-प्रोपेलड ग्रेनेड लॉन्चर का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। हालांकि, बयान में यह भी कहा गया है कि हथियार, घटना की परिस्थितियों और जिम्मेदार लोगों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। मिर्जा ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की है।
बयान में जॉइंट अवमी एक्शन कमेटी (JAAC) के वरिष्ठ सदस्यों उमर नजीर कश्मीरी, मुजतबा फारुकी और इम्तियाज असलम के आरोपों का भी जिक्र किया गया है। इनके मुताबिक, 5 जून से PoJK में 100 से ज्यादा युवाओं की मौत हुई है, सैकड़ों घायल हुए हैं और हजारों लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया है।
कश्मीरी के अनुसार, उनकी कमेटी पिछले करीब साढ़े तीन साल से शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक, आर्थिक और मानवाधिकारों की मांग कर रही है। उन्होंने इस स्थिति की ओर ध्यान खींचने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ-साथ तुर्की, ईरान, सऊदी अरब, अमेरिका, कनाडा और स्विट्जरलैंड की सरकारों से भी संपर्क किया था।
आरोपों में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तानी सेना और पैरामिलिट्री रेंजर्स के जवानों ने PoJK के कुछ हिस्सों को घेर लिया है और मुख्य प्रवेश द्वारों पर बैरिकेड्स लगाकर नागरिकों की आवाजाही रोक दी है। दावा किया गया है कि पहले भोजन और दवाओं जैसी जरूरी चीजों की आपूर्ति में भी बाधा डाली गई थी।
मिर्जा ने पुंछ और बाग के कुछ हिस्सों में ड्रोन उड़ने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को स्नाइपर से निशाना बनाए जाने की रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने इन रिपोर्टों और रिहायशी इलाकों में सैन्य हथियारों की तैनाती की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र, रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति, ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन और विदेशी सरकारों से तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। मिर्जा ने चेतावनी दी है कि अगर इन आरोपों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ सकती है और मानवीय संकट गहरा सकता है।