PoJK में महंगाई और इंटरनेट बैन से जनता परेशान, रोज़गार और शिक्षा का हुआ बुरा हाल.

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर यानी PoJK के लोग इन दिनों गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट से जूझ रहे हैं। इलाके में लगातार बढ़ती महंगाई, पेट्रोल के दाम में बढ़ोतरी, कमजोर टूरिज्म और पिछले 90 दिनों से अधिक समय से जारी इंटरनेट शटडाउन ने आम लोगों, कारोबारियों और छात्रों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है।
रोजगार के सीमित साधन और महंगाई की मार
स्थानीय निवासी Saad Hameed ने मीडिया को बताया कि क्षेत्र के हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं। इलाके में लॉकडाउन जैसे हालात हैं और महंगाई लगातार आसमान छू रही है। हाल ही में पेट्रोल की कीमतों में हुए इजाफे ने जीवनयापन के खर्च को और ज्यादा बढ़ा दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि PoJK में कमाई के मुख्य तौर पर केवल दो ही बड़े साधन बचे हैं, जिनमें सरकारी नौकरियां और टूरिज्म इंडस्ट्री शामिल हैं। इसके अलावा यहां कोई बड़ी फैक्ट्री या उद्योग नहीं है जहां आम लोग काम करके अपनी आजीविका चला सकें।
कमजोर टूरिज्म और लगातार प्रदर्शन
टूरिज्म का सीजन कमजोर रहने की वजह से इस क्षेत्र पर निर्भर रहने वाले छोटे कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। आर्थिक दबाव के चलते इसी साल जून महीने से PoJK में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। आम जनता बिजली के बढ़े हुए दामों, शिक्षा की स्थिति, महंगाई और अन्य बुनियादी मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रही है। लोगों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द उनकी इन समस्याओं का समाधान निकाले और उन्हें इस आर्थिक तंगी से राहत दिलाए।
छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा बुरा असर
क्षेत्र में पिछले 90 दिनों से इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हैं, जिससे छात्रों और डिजिटल सेवाओं पर निर्भर रहने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मोबाइल नेटवर्क में लगातार गड़बड़ी के कारण लोगों को फोन पर बात करने में भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि PoJK की आबादी का 80 प्रतिशत हिस्सा पढ़ा-लिखਾ है और यहां कई योग्य लोग रहते हैं, लेकिन इंटरनेट पर लगे लंबे प्रतिबंध के कारण छात्रों को उनकी पढ़ाई से वंचित होना पड़ रहा है। जनता अब सरकार से मांग कर रही है कि जल्द से जल्द सभी जरूरी सेवाएं बहाल की जाएं ताकि उनका जीवन सामान्य हो सके।