PoJK में 100 दिनों से अशांति जारी, स्कूल में छोटी बच्ची के साथ मारपीट का मामला आया सामने

Aanya16 September 20263 min read14 viewsWorld
PoJK में 100 दिनों से अशांति जारी, स्कूल में छोटी बच्ची के साथ मारपीट का मामला आया सामने

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर यानी PoJK से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां शिक्षा के अधिकार और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। HRC-PoJK यानी ह्यूमन राइट्स काउंसिल ऑफ पाकिस्तान-ओक्यूपाइड जम्मू एंड कश्मीर ने लेपा घाटी के एक सरकारी स्कूल में एक छोटी बच्ची के साथ हुई कथित मारपीट की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इसके साथ ही संगठन ने इलाके में पिछले 100 दिनों से चल रहे लगातार विरोध प्रदर्शनों और अशांति के माहौल पर भी अपनी बात रखी है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।

स्कूल में क्या हुआ था पूरा मामला

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना Intalyaan गांव के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की है। यहाँ नर्सरी क्लास में पढ़ने वाली एक छोटी बच्ची, जिसका नाम उम सलमा है, को कथित तौर पर एक शिक्षिका ने शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। बच्ची का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपना सबक याद नहीं कर पा रही थी। मानवाधिकार परिषद ने बताया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि जिस महिला शिक्षिका पर यह आरोप लगा है, वह किसी पक्की सरकारी नौकरी पर नहीं बल्कि एक वैकल्पिक या कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम के तहत स्कूल में बच्चों को पढ़ा रही थी।

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शिक्षा विभाग से जांच की मांग

HRC-PoJK ने इस बात पर जोर दिया है कि यह दोनों ही मामले बहुत गंभीर हैं। पहला मामला बच्ची के साथ मारपीट का है और दूसरा मामला उस शिक्षिका की नियुक्ति और उसके कानूनी दर्जे से जुड़ा हुआ है। परिषद का कहना है कि इन दोनों ही बातों की शिक्षा विभाग द्वारा नियमित रूप से जांच और वेरिफिकेशन किया जाना बहुत जरूरी है। छोटे बच्चों को पढ़ाई में कठिनाई होने पर या सबक याद न होने पर उनके साथ इस तरह की शारीरिक हिंसा करना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। स्कूल ऐसी जगहें होनी चाहिए जहाँ बच्चे सुरक्षित महसूस करें, न कि जहाँ उन्हें डर और हिंसा का सामना करना पड़े।

पारदर्शी जांच और बयान दर्ज करने की अपील

परिषद ने PoJK के शिक्षा विभाग और संबंधित जिला अधिकारियों से तुरंत इस मामले का संज्ञान लेने को कहा है। अधिकारियों से यह अपील की गई है कि वे इस घटना की एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच करवाएं। इसके साथ ही, बच्ची और उसके परिवार के लोगों के बयान भी दर्ज किए जाने चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। संगठन का साफ कहना है कि अगर जांच में कोई दोषी पाया जाता है, तो नियमों के मुताबिक उस पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

PoJK में 100 दिनों से चल रही अशांति

इस स्कूली घटना के अलावा, HRC-PoJK ने PoJK के कई इलाकों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी चिंता जताई है। संगठन के मुताबिक, विशेष रूप से रावलाकोट, पुंछ और सुधनूती जिलों में पिछले 100 दिनों से लगातार अशांति और विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इस लंबी अनिश्चितता के कारण पूरे इलाके में हालात खराब हो रहे हैं और आम जनजीवन पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। परिषद का मानना है कि इतने लंबे समय तक अशांति बने रहना ठीक नहीं है और अगर अब भी बातचीत के जरिए मामलों को नहीं सुलझाया गया, तो लोगों का गुस्सा और निराशा और ज्यादा बढ़ सकती है, जिससे इलाके में अस्थिरता और गहरी हो सकती है।

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