Pop Star Pink: अमेरिकी गायिका पिंक गाजा विवाद और मैकलमोर के कॉन्सर्ट पर बयान देकर फंसी बड़ी मुश्किल में.

अमेरिकी पॉप स्टार Pink इन दिनों सोशल मीडिया और अपने फैंस के बीच एक बड़े विवाद में घिर गईं हैं। यह पूरा मामला रैपर Macklemore के फिलिस्तीन के समर्थन में दिए गए बयानों और परफॉर्मेंस से जुड़ा हुआ है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही मनोरंजन जगत में एक नई बहस छिड़ गई है और लोग इस पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। आइए जानते हैं कि आखिर पूरी घटना क्या थी और क्यों लोग इस मशहूर गायिका के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
रैपर Macklemore, जिनका असली नाम Benjamin Hammond Haggerty है, ने पिछले दिनों एड शीरन के टूर के दौरान अपने ओपनिंग सेट में फिलिस्तीन के समर्थन में आवाज उठाई थी। उन्होंने 4 सितंबर 2026 और 5 सितंबर 2026 को MetLife Stadium में हुए कॉन्सर्ट के दौरान 'फ्री फिलिस्तीन' का नारा लगाया था और अपना प्रोटेस्ट सॉन्ग 'हिंद्स हॉल' भी गाया था। उनके इस प्रदर्शन के बाद गाजा से जुड़ी कई छवियां भी सामने आई थीं जिससे यह मामला पूरी तरह तूल पकड़ गया था।
पिंक का वह पोस्ट और बढ़ा हुआ तनाव
इस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद 7 सितंबर 2026 को पॉप स्टार Pink ने एक कदम उठाया जिससे विवाद और ज्यादा भड़क गया। उन्होंने StopAntisemitism नाम के एक एडवोकेसी ग्रुप की इंस्टाग्राम स्टोरी को अपने अकाउंट पर दोबारा शेयर किया। उस पोस्ट में रैपर मैकलमोर की तीखी आलोचना की गई थी और कॉन्सर्ट में आने वाले दर्शकों के लिए टिकट के पैसे वापस करने की मांग की गई थी। इस रीपोस्ट के बाद पिंक के खिलाफ लोगों ने ऑनलाइन अभियान चलाना शुरू कर दिया और एड शीरन पर भी दबाव बनाया जाने लगा कि वे उस रैपर को अपने टूर से बाहर कर दें। इस मांग का समर्थन इजरायली अमेरिकन काउंसिल के Petitions और एंटी-डिफेमेशन लीग की निंदा के जरिए भी किया गया था।
पिंक की लंबी सफाई और 1300 शब्दों का बयान
चारों तरफ से बढ़ रहे विरोध और आलोचनाओं को देखते हुए 11 सितंबर 2026 को Pink ने अपना पक्ष रखते हुए एक लंबा-चौड़ा 1,300-शब्दों का बयान जारी किया। उन्होंने खुले तौर पर माना कि आलोचनाओं पर उनकी शुरुआती प्रतिक्रिया में कुछ ऐसे मीम्स शामिल थे जो काफी तंज कसने वाले थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि उन्होंने जिस कंटेंट को रीपोस्ट किया था, उसमें ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया था जिसे उन्होंने खुद नहीं लिखा था।
खुद यहूदी होने के नाते Pink ने अपने बयान में गाजा की मौजूदा स्थिति को एक 'जटिल युद्ध' करार दिया। उन्होंने कहा कि वे इंस्टाग्राम के एक छोटे से कैप्शन में इस तरह के जटिल युद्ध की कानूनी या वैचारिक बहस नहीं करना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपनी इस बात को भी दोहराया कि हमास एक आतंकवादी संगठन है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी माना कि फिलिस्तीनी नागरिकों को भी एक ऐसा भविष्य मिलना चाहिए जहां उनकी इंसानियत का पूरा सम्मान हो और निर्दोष लोगों की जान की रक्षा करना ही सबसे सर्वोपरि काम होना चाहिए।
पुराना विवाद और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का साया
अपने इस लंबे बयान में गायिका ने साल 2014 की एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया, जब रैपर मैकलमोर ने एक ऐसा पहनावा पहना था जिसे यहूदी समाज की एक रूढ़िवादी छवि से जोड़कर देखा गया था। जैसे ही उन्होंने अपना यह लंबा चौड़ा स्पष्टीकरण सोशल मीडिया पर डाला, वैसे ही इंटरनेट पर लोगों ने यह सवाल उठाना शुरू कर दिया कि क्या यह बयान किसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से लिखा गया है। हालांकि 12 सितंबर 2026 तक इस बात को लेकर कोई भी आधिकारिक पुष्टि या खंडन सामने नहीं आया है कि उनके इन सार्वजनिक बयानों को तैयार करने में एआई का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।