पोप लियो XIV ने यमन में युद्ध रोकने और ताइज में मानवीय मदद पहुंचाने की अपील की
पोप लियो XIV ने यमन के ताइज शहर में मानवीय संकट पर चिंता जताई और युद्ध रोकने की अपील की है।

वेटिकन सिटी: पोप लियो XIV ने यमन में चल रही हिंसा को तुरंत रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वहां ऐसी स्थितियां पैदा की जाएं जिससे यमन और पूरे क्षेत्र के लोग शांति से रह सकें। रविवार को सेंट पीटर्स स्क्वायर में एंजेलस प्रार्थना के दौरान उन्होंने यह बात कही।
पोप ने यमन के दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज में गहराते मानवीय संकट पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि शहर के लोग भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की भारी कमी से जूझ रहे हैं। ताइज में दस लाख से ज्यादा लोग रहते हैं, जो अक्टूबर की शुरुआत से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की घेराबंदी में फंसे हैं।
संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता के मुताबिक, यह शहर पिछले 20 दिनों से पूरी तरह अलग-थलग है। करीब 8 लाख लोगों के पास बुनियादी सुविधाओं की पहुंच नहीं है और यहां तक कि पानी के टैंकरों की सप्लाई भी बंद हो गई है। इस बीच, सऊदी समर्थित सरकारी बलों द्वारा हूतियों के खिलाफ हवाई और जमीनी हमलों के कारण सप्ताहांत में लड़ाई और तेज हो गई है।
पोप लियो XIV ने कहा कि युद्ध न केवल मौत और तबाही लाता है, बल्कि दुनिया को गरीब भी बनाता है। उन्होंने प्रार्थना की कि दुनिया के नेता बातचीत का रास्ता चुनें।
यह संबोधन पोप के लिए एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपस्थिति थी। उन्होंने 11 अक्टूबर को अपनी सर्जरी की घोषणा की थी और 13 अक्टूबर को उनके फेफड़ों के कैंसर का ऑपरेशन हुआ था। हालांकि वह तेजी से ठीक हो रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने 27 अक्टूबर को असिसी की अपनी यात्रा रद्द कर दी है, जहां शांति बैठक की 40वीं वर्षगांठ पर धार्मिक नेता जुटने वाले थे।
अपने संबोधन के दौरान पोप ने 23 अक्टूबर को जॉर्डन के हमूद चर्च में रूढ़िवादी विश्वासियों पर हुए आतंकवादी हमले के पीड़ितों के लिए भी प्रार्थना की। इस बीच क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और यमनी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर हमले तथा अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध तेज हो रहा है।