क्षेत्रीय संघर्षों के बीच तुर्की राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि उनका देश आग के घेरे से घिरा हुआ है

अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने सोमवार को कहा कि पूरे क्षेत्र में बढ़ते विवादों की वजह से तुर्की एक आग के घेरे से घिरा हुआ है। अंकारा स्थित प्रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में बोलते हुए उन्होंने बताया कि उनकी सरकार उकसावे का विरोध करके और राजनीतिक जाल से बचकर इन विवादों में फंसने से बच गई है।
राष्ट्रपति एर्दोगन ने इजरायल पर आरोप लगाया कि वह सीरिया में अस्थिरता पैदा करने और मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश कर रहा है, जबकि वहां सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। इससे पहले 25 सितंबर को भी उन्होंने सीरिया की संप्रभुता का समर्थन किया था और चेतावनी दी थी कि इजरायली हमले क्षेत्रीय स्थिरता में बाधा डाल रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र में तुर्की के स्थायी प्रतिनिधि अहमत यिल्डिज़ ने 13 अक्टूबर को औपचारिक रूप से इजरायल से सीरिया में अपने लापरवाह हमलों को रोकने की मांग की थी। उन्होंने इजरायल से 1974 के डिसएंगेजमेंट समझौते का पालन करने को कहा और बताया कि इजरायली कार्रवाई अब नियंत्रण से बाहर होती जा रही है।
क्षेत्रीय हालातों पर चर्चा करते हुए एर्दोगन ने कई चिंताएं जताईं। उन्होंने कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष पांचवें साल की ओर बढ़ रहा है और ईरान से जुड़े तनाव अभी कम नहीं हुए हैं।
राष्ट्रपति ने यमन में नए संघर्ष का जिक्र करते हुए सऊदी अरब पर हूती हमलों की बात की। उन्होंने सऊदी अरब को एक मित्र और भाई जैसा देश बताया और रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले का उल्लेख किया।
एर्दोगन ने लेबनान की मौजूदा स्थिति को भी चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजरायल का हमला क्षेत्रीय सुरक्षा को कमजोर कर रहा है, जबकि पहले कई समझौते किए जा चुके हैं।