राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से खास मुलाकात, नई दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत पर जोर।

नई दिल्ली में आयोजित हो रहे 18th BRICS Summit के दौरान भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक रिश्ते मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार, 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian का औपचारिक स्वागत किया और उनके साथ द्विपक्षीय बातचीत की। सुबह 11:30 बजे शुरू हुई इस हाई-लेवल मीटिंग में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।
पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति की बैठक
इस मुलाकात से पहले शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी ईरानी राष्ट्रपति के साथ एक अहम बैठक की थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय चुनौतियों के बावजूद ब्रिक्स गतिविधियों में ईरान की उच्च-स्तरीय भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया था। आधिकारिक बयानों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों को केवल कूटनीति और बातचीत के जरिए ही सुलझाया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता, नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। इस पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी आधिकारिक MEA Press Release पर भी साझा की गई है।
ऊर्जा और व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने पर चर्चा
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन पिछले साल 11 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचे थे, जहां हवाई अड्डे पर केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने उनका स्वागत किया था। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस फोरम के मंच का इस्तेमाल करते हुए भारत के साथ ऊर्जा और व्यावसायिक रिश्तों को और मजबूत करने की वकालत की। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान ईरान के नेता ने तेहरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों की खुलकर आलोचना की और कहा कि अमेरिका तथा इसराइल से जुड़े मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव बाहरी दबाव हैं, जिन्हें उनका देश स्वीकार नहीं करेगा। इन तमाम वार्ताओं और बैठकों की आधिकारिक पुष्टि PIB India द्वारा भी की गई है।
वर्तमान में यह सभी चर्चाएं और बैठकें ऐसे समय में हो रही हैं जब सभी प्रतिनिधि मिलकर 'Delhi Declaration' को अंतिम रूप देने में लगे हुए हैं। यह घोषणापत्र अब 11-member expanded bloc बन चुके ब्रिक्स देशों के भविष्य के कामकाज और नीतियों को दिशा देने का काम करेगा। इस पूरे घटनाक्रम और मुलाकात की मूल जानकारी ANI News की रिपोर्ट में भी प्रमुखता से प्रकाशित की गई है।