प्रिंस तुर्की अल-फयसल का बड़ा बयान: हुथी उकसावे पर सऊदी अरब ने दिखाया धैर्य

सऊदी अरब के प्रिंस तुर्की अल-फयसल ने यमन संघर्ष और क्षेत्रीय तनावों के बीच एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हुथी समूह द्वारा बार-बार किए गए उकसावे के बावजूद सऊदी नेतृत्व ने अब तक काफी धैर्य बनाए रखा। हालांकि, प्रिंस तुर्की ने यह भी संकेत दिया कि अब स्थिति एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है, जिसके बाद यमन को हुथियों के प्रभाव से मुक्त कराने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
क्षेत्रीय तनाव और अमेरिका की तैयारी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। अमेरिकी पेंटागन ने हाल ही में सेंट्रल कमांड (CENTCOM) को ईरान के खिलाफ संभावित बड़े सैन्य अभियानों के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक हमलों पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
तनाव तब और बढ़ गया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने 6 अक्टूबर को संकेत दिया कि वह अब ईरान के साथ किसी समझौते की कोशिश नहीं कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, कैंप डेविड में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अध्यक्षता में हुई एक राष्ट्रीय सुरक्षा बैठक में ईरान के परमाणु और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर सैन्य कार्रवाई की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इसी बैठक में सऊदी-हुथी संघर्ष के मुद्दे पर भी विचार-विमर्श हुआ।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने कहा है कि ईरान मध्यस्थों के जरिए अमेरिकी प्रस्तावों पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर, ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित पारगमन मार्ग स्थापित किए हैं, लेकिन CENTCOM ने जलमार्ग बंद करने के ईरानी दावों का खंडन किया है।
वर्तमान में, सऊदी अरब हुथी ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है, जबकि हुथी बलों ने सऊदी हवाई अड्डों पर मिसाइल हमलों का दावा किया है। इस बीच सऊदी सरकार ने मिसाइल इंटरसेप्शन (मिसाइलों को हवा में नष्ट करने) की वीडियो रिकॉर्डिंग न करने की चेतावनी भी जारी की है।