पीटीआई के इस्लामाबाद मार्च पर गवर्नर की चेतावनी, अटक से आगे बढ़ने पर दी रोक

पाकिस्तान में सियासी हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के इस्लामाबाद की ओर होने वाले लॉन्ग मार्च के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। गवर्नर ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि इस मार्च को पंजाब के अटक से आगे किसी भी कीमत पर नहीं बढ़ने दिया जाएगा। यह मार्च पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर निकाला जा रहा है, लेकिन सरकार इसे रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है।
गवर्नर कुंडी ने मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के नेतृत्व में निकल रहे इस मार्च पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अटक की सीमा पार करने की कोशिश न करें। उन्होंने पीटीआई के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि उनके साथ 20 लाख लोग हैं। गवर्नर का कहना है कि जब प्रांत आतंकवाद जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहा है, तब मुख्यमंत्री का ध्यान शासन चलाने के बजाय इस्लामाबाद तक मार्च करने पर है। उन्होंने इमरान खान पर यह गंभीर आरोप भी लगाया कि उन्होंने अतीत में उग्रवादियों को केपी में बसाने का काम किया था।
सरकार और पीटीआई के बीच टकराव की स्थिति
यह पूरा विवाद तब गहराया जब संघीय सरकार और पीटीआई के बीच आतंकवाद विरोधी नीति को लेकर हुई बातचीत विफल रही। इसके बाद पीटीआई ने अपने आंदोलन को तेज करने का फैसला किया। मार्च की योजना के मुताबिक, प्रदर्शनकारी 8 अक्टूबर तक पंजाब की सीमा से सटे खैराबाद पहुंचने का लक्ष्य रख रहे हैं। मुख्यमंत्री अफरीदी ने कोहाट में समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह संघर्ष लंबा है और इसके लिए धैर्य व एकता की जरूरत है। उन्होंने इस मार्च की तुलना एक 'टी20 मैच' से की है जो 8 अक्टूबर से शुरू होगा।
फिलहाल, मुख्यमंत्री का कारवां पेशावर की ओर बढ़ रहा है और 8 अक्टूबर की रात खैराबाद में बिताने की योजना है। हालांकि, इस्लामाबाद तक की यात्रा के आखिरी चरण के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। दूसरी ओर, इस राजनीतिक तनाव के बीच कराची जैसे बड़े शहरों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।