Saudi Arabia News: सजा पूरी होने के बाद भी 15 महीने जेल में फंसे रहे पंजाब के ड्राइवर.

Sushma Kumari20 September 20263 min read7 viewsExpat Issues
Saudi Arabia News: सजा पूरी होने के बाद भी 15 महीने जेल में फंसे रहे पंजाब के ड्राइवर.

सऊदी अरब से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां भारत के पंजाब राज्य के एक ट्रक ड्राइवर को अपनी सजा पूरी होने के बाद भी 15 महीने तक अतिरिक्त रूप से जेल में रहना पड़ा। विदेश में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह घटना किसी डरावने सपने जैसी है, जो खाड़ी देशों में कागजी कार्रवाई की कमियों और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है। पीड़ित ड्राइवर का नाम राजिंदरपाल सिंह है जो पंजाब के तरनतारन जिले के रहने वाले हैं और लगभग दस साल तक विदेश में रहने के बाद आखिरकार 31 अगस्त 2026 को अपने घर वापस लौट आए हैं।

क्या था पूरा मामला और कैसे हुई परेशानी

राजिंदरपाल सिंह पर आरोप था कि वह एक अन्य ट्रक ड्राइवर के साथ मिलकर किसी काम से जुड़े ट्रक में सफर कर रहे थे जिसमें प्रतिबंधित दवाएं मिल गईं। इस कानूनी मामले में अदालत ने उन्हें 18 महीने की सजा सुनाई थी जिसे उन्होंने पूरा कर लिया था। सजा काटने के बाद जब वह अपनी रिहाई का इंतजार कर रहे थे, तब उन्हें हवाई अड्डे पर फिर से हिरासत में ले लिया गया। उनका आरोप है कि रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने उनके कागजात और स्टेटस को आधिकारिक एयरपोर्ट रिकॉर्ड में अपडेट नहीं किया था। पुराने दस्तावेजों के आधार पर उन्हें हवाई अड्डे पर ही रोक लिया गया और वह महीनों तक मदद के लिए तरसते रहे।

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परिजनों की गुहार और राजनीतिक दखल

जब राजिंदरपाल सिंह लंबे समय तक वापस नहीं लौटे तो उनके परिवार वालों ने गहरी चिंता जताई और मदद के लिए राज्यसभा सांसद बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल से संपर्क किया। सांसद के दफ्तर ने इस मामले में दखल दिया और विदेश मंत्रालय तथा रियाद स्थित भारतीय मिशन के साथ लगातार बातचीत की। लगभग नौ महीने की लंबी कोशिशों के बाद जाकर राजिंदरपाल सिंह और अमृतसर के एक अन्य युवक को रिहाई मिल सकी। सांसद सीचेवाल का कहना है कि इस तरह के मामलों में केवल सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया काम नहीं आती बल्कि कई बार उच्च स्तर के राजनीतिक दखल की जरूरत पड़ जाती है। कैद के दौरान ही राजिंदरपाल सिंह को अपने भाई की मौत की दुखद खबर भी मिली थी, जिससे उनका परिवार पूरी तरह टूट गया था।

दूतावास की भूमिका पर सवाल और सरकारी प्रतिक्रिया

राजिंदरपाल सिंह ने यह गंभीर आरोप भी लगाया है कि उन्हें जेल के अंदर और रिहाई की प्रक्रिया के दौरान भारतीय दूतावास से किसी तरह का सहयोग नहीं मिला। उनका दावा है कि दूतावास के अधिकारियों ने सामान्य सेवाओं और कागजी कार्रवाई के नाम पर पैसे की मांग की थी। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद जब मीडिया ने 18 सितंबर 2026 को विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा, तो मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि उनके मिशन स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में रहते हैं और वे इस मामले की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं। हालांकि रियाद स्थित भारतीय दूतावास की तरफ से देरी के आरोपों या पैसों की मांग पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया गया है। इसी बीच, भारत के राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने 5 से 8 सितंबर 2026 के दौरान सऊदी अरब का दौरा किया था जहां उन्होंने श्रमिक कल्याण और आपसी सहयोग को लेकर बातचीत की थी। राजिंदरपाल सिंह ने सऊदी अरब में दूतावास की कार्यशैली की उच्च स्तरीय जांच कराने की औपचारिक मांग की है। खाड़ी देशों में काम करने वाले आम प्रवासियों के लिए यह घटना एक बड़ा सबक है कि स्थानीय कानून और दूतावास के रिकॉर्ड कितने महत्वपूर्ण होते हैं।

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