Saudi Arabia News: पंजाब के ट्रक ड्राइवर का बड़ा आरोप, सजा पूरी होने के बाद भी 15 महीने रखा जेल में.

गल्फ देशों में नौकरी करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। पंजाब के तरनतारन जिले के रहने वाले एक ट्रक ड्राइवर Rajinderpal Singh ने सऊदी अरब की जेल को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अपनी सजा पूरी होने के बाद भी उन्हें 15 महीने तक अतिरिक्त समय के लिए जेल में ही रहना पड़ा। यह मामला उन तमाम लोगों के लिए चिंता का विषय है जो रोजी-रोटी कमाने के लिए विदेशों का रुख करते हैं और वहां किसी कानूनी पचड़े में फंस जाते हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला और क्या थी वजह
मिली जानकारी के मुताबिक, Rajinderpal Singh करीब एक दशक पहले गल्फ क्षेत्र में रोजगार की तलाश में गए थे। आज से तीन साल पहले जब वह अपनी कंपनी का सामान लेकर जा रहे थे, तब उनके साथ दो अन्य ड्राइवर भी थे। ट्रकों में एक ही तरह के दस्तावेज होने के बावजूद उनमें से एक ट्रक में प्रतिबंधित सामान यानी कॉन्ट्राबैंड बरामद हुआ। इस मामले में पुलिस ने तीनों ड्राइवरों को हिरासत में ले लिया और अदालत ने उन्हें 18 महीने की जेल की सजा सुनाई। सजा काटने के बाद जब उन्हें रिहा किया जाना था, तब इमीग्रेशन और एयरपोर्ट के रिकॉर्ड में उनका स्टेटस अपडेट नहीं हो पाया। इसी तकनीकी खामी की वजह से वह भारत आने वाली फ्लाइट में नहीं बैठ सके और उन्हें दोबारा जेल में डाल दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने वतन वापस लौटने के लिए पूरे 15 महीने तक संघर्ष करना पड़ा। इस दौरान उनके भाई का भारत में निधन हो गया, लेकिन वह चाहकर भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके क्योंकि वह जेल के अंदर बंद थे।
परिवार की गुहार और राजनेता की मदद से हुई वापसी
जब परिवार को इतने लंबे समय तक ड्राइवर के वापस न लौटने की बात पता चली, तो उन्होंने मदद के लिए हाथ बढ़ाए। 8 दिसंबर 2025 को उनके परिवार ने राज्यसभा सांसद Balbir Singh Seechewal से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई। सांसद के कार्यालय की तरफ से लगातार विदेश मंत्रालय और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क साधा गया और लगातार फॉलोअप किया गया। इसी लगातार कोशिश के बाद आखिरकार 31 अगस्त 2026 को Rajinderpal Singh को भारत वापस लाया गया। उनके साथ अमृतसर के रहने वाले एक अन्य व्यक्ति Jasbir Singh भी महीनों की हिरासत के बाद 3 सितंबर 2026 को सुरक्षित अपने घर लौट आए। दोनों ने 19 सितंबर को सुल्तानपुर लोधी में सांसद सीचेवाल से मुलाकात की।
भारतीय दूतावास की कार्यशैली पर उठे सवाल
अपनी वापसी के बाद पीड़ित ड्राइवर ने भारतीय दूतावास (Indian Embassy in Riyadh) की मदद को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि दूतावास की तरफ से उन्हें पर्याप्त सहायता नहीं मिली और वतन वापसी की प्रक्रिया से जुड़े कामों के लिए कुछ लोगों द्वारा पैसों की मांग भी की गई थी। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी से पुष्टि नहीं हो पाई है और 20 सितंबर 2026 तक दूतावास की तरफ से इस पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया है। सऊदी अरब में भारतीय नागरिकों की मदद के लिए दूतावास ने कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिनमें जेल के मामलों के लिए 00-966-11-4816348, सामान्य कल्याण नंबर 00-966-11-4884144 और 00-966-11-4884691, 24 घंटे की आपातकालीन लाइन 00-966-11-4884697, व्हाट्सएप सपोर्ट नंबर 00-966-542126748, टोल-फ्री नंबर 800 247 1234 और MADAD portal शामिल हैं। इसके बावजूद पीड़ितों का मानना है कि बिना बाहरी दबाव या राजनीतिक पैरवी के औपचारिक सहायता मिलना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत के विदेश राज्य मंत्री ने 5 सितंबर से 8 सितंबर 2026 के बीच सऊदी अरब का उच्च स्तरीय दौरा किया था और वहां भारतीय कामगारों के कल्याण को लेकर जरूरी बातचीत की थी।