पुतिन ने ईरान को दिया समर्थन, अमेरिका-इजरायल विवाद सुलझाने का भरोसा

Gautam Sahu9 October 20262 min read0 viewsWorld
पुतिन ने ईरान को दिया समर्थन, अमेरिका-इजरायल विवाद सुलझाने का भरोसा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर ईरान के साथ अपने रिश्तों को मजबूती देते हुए मुश्किल समय में उसका साथ देने का वादा किया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को तुर्कमेनिस्तान के तुर्कमेनबाशी में राष्ट्रपति पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के बीच एक अहम मुलाकात हुई। यह बैठक अवाज़ा में होने वाले कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुई, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय संबंधों पर लंबी चर्चा की गई।

इस मुलाकात के दौरान पुतिन ने साफ तौर पर कहा कि रूस, ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे मौजूदा संघर्ष को खत्म करने और समाधान निकालने के लिए अपनी पूरी क्षमता से प्रयास करेगा। पुतिन ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए ईरान द्वारा पेश किए गए नए प्रस्तावों और उसके ठोस प्रयासों की जमकर तारीफ की। गौरतलब है कि यह विवाद 28 फरवरी 2026 से शुरू हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर दी है।

शांति प्रस्तावों पर बातचीत और अमेरिका का रुख

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ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने इस बात की पुष्टि की कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए नए प्रस्तावों का आदान-प्रदान हुआ है। हालांकि, पेज़ेशकियन ने वॉशिंगटन की विदेश नीति पर संदेह जताया और कहा कि जब तक शत्रुता जारी है, तब तक ऐसी बातचीत "अर्थहीन" महसूस होती है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि तेहरान जल्द ही अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर अपना जवाब देगा, जिसके लिए मध्यस्थों की मदद ली जा रही है।

वहीं, अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वॉशिंगटन और ईरान के बीच सार्थक चर्चा चल रही है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले अमेरिका कोई हमला शुरू नहीं करेगा, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच रूस ने भी अपनी चेतावनी जारी की है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा है कि यदि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयां ईरान के खिलाफ बढ़ती हैं, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। बता दें कि पुतिन और पेज़ेशकियन की यह मुलाकात पहली बार नहीं थी; इससे पहले सितंबर 2026 में किर्गिस्तान में एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं ने चर्चा की थी, जिसमें रूस ने ईरान को जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की थी।

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