"Ready to do everything in our power": Putin pledges Russia's support to Iran amid conflict with US

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर दुनिया को साफ संकेत दे दिया है कि वह संकट की घड़ी में ईरान के साथ मजबूती से खड़े हैं। तुर्कमेनिस्तान में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ मुलाकात के दौरान पुतिन ने कहा कि रूस, अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे क्षेत्रीय संघर्ष को सुलझाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाने को तैयार है।
पुतिन का बड़ा ऐलान: ईरान को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ देंगे पूरा समर्थन
राष्ट्रपति पुतिन ने मुलाकात की शुरुआत में ही ईरान के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ईरान इस क्षेत्रीय तनाव को शांतिपूर्ण तरीके से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है और नए प्रस्ताव पेश कर रहा है। पुतिन ने जोर देकर कहा, "आप हमारा रुख जानते हैं, श्री राष्ट्रपति। हमारी ओर से, हम इस स्थिति को हल करने में आपकी मदद के लिए वह सब कुछ करने को तैयार हैं जो हमारे बस में है।"
यह मुलाकात तुर्कमेनिस्तान में कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स (CIS) समिट और कैस्पियन सी एनवायरमेंटल समिट के मौके पर हुई। दोनों नेताओं ने न केवल सुरक्षा मुद्दों पर बात की, बल्कि अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा की। पुतिन ने बताया कि पिछले साल हस्ताक्षरित बुनियादी समझौते के बाद रूस और ईरान के रिश्ते काफी बेहतर हुए हैं।
आर्थिक रिश्तों में भारी उछाल और अमेरिका के साथ बातचीत
आर्थिक मोर्चे पर दोनों देशों के बीच जबरदस्त तालमेल दिख रहा है। पुतिन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार में 21 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई और 2026 के पहले सात महीनों में भी यह सकारात्मक रुझान जारी रहा। इसके अलावा, ऊर्जा, कृषि और परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
दूसरी ओर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत पर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान बार-बार हमलों के बावजूद ईरान बातचीत की मेज से पीछे नहीं हटेगा। पेज़ेशकियन ने बताया कि ईरान ने अपने प्रस्ताव दिए हैं और अमेरिका के नए प्रस्तावों की समीक्षा भी की गई है। अब मध्यस्थों के जरिए इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की तैयारी है।
मुलाकात के अंत में पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता के लिए अपनी शुभकामनाएं भेजीं और उम्मीद जताई कि दोनों देश अपने राष्ट्रीय हितों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संयुक्त परियोजनाओं को जल्द पूरा करेंगे।