Bangladesh में राजनीतिक हलचल के बीच फैक्ट-चेकर्स को ट्रेनिंग दे रहे हैं Qadaruddin Shishir

बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच फेक न्यूज और गलत जानकारी से निपटने के लिए जानी-मानी हस्तियां लगातार काम कर रही हैं। जाने-माने पत्रकार और फैक्ट-चेक पत्रकारिता के प्रमुख चेहरे Qadaruddin Shishir इस समय देश में नए फैक्ट-चेकर्स की टीम तैयार करने में जुटे हैं। वह अपनी खोजी पत्रकारिता की संस्था The Dissent के जरिए लगातार फर्जी खबरों का पर्दाफाश कर रहे हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को 5 अगस्त 2024 को सत्ता से हटाए जाने के पूरे दो साल बाद भी देश का राजनीतिक माहौल काफी गर्म और संवेदनशील बना हुआ है। इस बीच पत्रकारिता के क्षेत्र में सच को सामने लाने का यह काम बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक माहौल और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का इंटरव्यू
बांग्लादेश की राजनीति में उथल-पुथल का दौर अभी थमा नहीं है। 2 सितंबर 2026 को देश की पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने एक मीडिया संस्थान ThePrint को अपना एक खास इंटरव्यू दिया। इस बातचीत के दौरान उन्होंने साल 2024 में हुए छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलनों के दौरान अपनी तरफ से उठाए गए कदमों का बचाव किया। उन्होंने अपनी सरकार के पतन को एक राजनीतिक साजिश करार दिया और अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार Muhammad Yunus पर उनके खिलाफ सक्रिय रूप से काम करने का गंभीर आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने देश में हुए एंटी-कोटा विरोध प्रदर्शनों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि वह तमाम कानूनी मुकदमों के बावजूद इसी साल दिसंबर के महीने में बांग्लादेश वापस लौटने की योजना बना रही हैं, हालांकि उन्हें नवंबर 2025 में मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में अदालत द्वारा अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई जा चुकी है।
सरकारी प्रतिक्रिया और मीडिया की स्थिति
पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय धरती से मीडिया को दिए गए इस बयान के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई। मंत्रालय ने उन्हें एक भगोड़ा और दोषी करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। वहीं दूसरी ओर, भारत के विदेश मंत्रालय MEA ने 2 सितंबर को साफ कर दिया कि इन सब घटनाओं में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है और वे व्यक्त किए गए विचारों का समर्थन नहीं करते हैं। इस बीच, बांग्लादेश के सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री Yasser Khan Choudhury MP ने दावा किया कि देश का राष्ट्रीय मीडिया इस समय पहले से अधिक स्वतंत्रता का आनंद ले रहा है। हालांकि उन्होंने पेशेवर पत्रकारों के लिए एक प्रस्तावित पंजीकरण योजना का भी जिक्र किया, जिसे लेकर पत्रकारों और आलोचकों के मन में यह डर बना हुआ है कि कहीं इससे सरकार का मीडिया पर शिकंजा और ज्यादा कस न जाए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Qadaruddin Shishir का काम और उनकी यह नई पीढ़ी को ट्रेनिंग देने की पहल समाज में पारदर्शिता लाने का काम कर रही है। उन्होंने साल 2017 में BD FactCheck की शुरुआत की थी और वह पहले Boom Bangladesh तथा AFP Fact Check जैसे बड़े संस्थानों के साथ भी काम कर चुके हैं। 2 सितंबर 2026 को AJWitness ने उनकी इस प्रेरणादायक यात्रा को दुनिया के सामने उजागर किया। सामान्य पाठकों और आम नागरिकों के लिए यह जरूरी है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही हर खबर पर आँख मूंदकर भरोसा न करें और केवल सत्यापित तथा आधिकारिक स्रोतों से मिलने वाली जानकारियों पर ही ध्यान दें ताकि समाज में किसी भी तरह की अफवाह न फैले।