Qatar और Jordan ने की हाईलेवल मीटिंग, क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति को लेकर हुई बड़ी चर्चा.

Aanya12 September 20262 min read26 viewsQatar
Qatar और Jordan ने की हाईलेवल मीटिंग, क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति को लेकर हुई बड़ी चर्चा.

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच कतर और जॉर्डन के बड़े नेताओं ने आपस में बातचीत की है और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर गंभीर चिंता जताई है। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani ने जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ayman Safadi के साथ 12 सितंबर 2026 को यह अहम फोन पर चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य इस समय क्षेत्र में चल रहे तनाव को कम करना और कूटनीतिक प्रयासों को तेज करना था। इस दौरान दोनों नेताओं ने साफ किया कि मौजूदा हालात से निपटने के लिए आपसी सहयोग बहुत जरूरी है ताकि आम लोगों और देशों की सुरक्षा बनी रहे।

सऊदी अरब और कई देशों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा

हाल ही में सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर एक ड्रोन से हमला हुआ था जिसमें नुकसान और कुछ लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई थी। इस घटना के बाद कतर और जॉर्डन ने मिलकर इस हमले की कड़ी निंदा की है। कतर सरकार की तरफ से कहा गया कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का साफ उल्लंघन है और इस तरह की खतरनाक हरकतें क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों को कमजोर करती हैं। वहीं जॉर्डन ने भी इसे सऊदी अरब की संप्रभुता पर सीधा हमला बताया। इसके साथ ही कतर के राजदूत Jassim Yacoub Al Hammadi ने भी कई अरब देशों के इलाकों पर हो रहे हमलों की निंदा की और कहा कि इस तरह के कृत्यों से क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ रही है, जबकि कतर हमेशा से बातचीत और शांति के पक्ष में खड़ा रहा है।

व्यापार और फलस्तीन के मुद्दों पर भी हुई चर्चा

क्षेत्र में चल रहे तनाव का असर अब व्यापार और आम आदमी की आवाजाही पर भी साफ दिखने लगा है। अमेरिका द्वारा ईरान पर दोबारा नेवल नाकाबंदी लगाने के कारण जुलाई महीने से अब तक करीब 100 कमर्शियल जहाजों के रास्ते बदलने पड़े हैं। इसका सीधा असर बहरीन, यूएई, कुवैत और ओमान जैसे देशों के पोर्ट्स और सुविधाओं पर पड़ा है। इन सभी हालातों के बीच कतर ने फलस्तीनी लोगों को जबरन बेघर करने की किसी भी योजना को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कतर ने सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव Resolution 2803 के तहत गाजा के लिए अमेरिकी शांति योजना का समर्थन जारी रखने की बात दोहराई है। इसके अलावा 12 सितंबर को ईरान और यूएई समेत कई ब्रिक्स देशों ने भी क्षेत्र में संयम बरतने और तनाव को और न बढ़ाने की सामूहिक अपील की है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लोगों के लिए स्थिति पर नजर रखना और भी जरूरी हो गया है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप MOFA Qatar और QNA की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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