कतर और सऊदी अरब के बीच नया समझौता, अब Himyan और Mada कार्ड का होगा क्रॉस-बॉर्डर इस्तेमाल.

कतर और सऊदी अरब के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। Qatar Central Bank और Saudi Central Bank (SAMA) ने मिलकर एक नया क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट इनिशिएटिव शुरू किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के तहत अब कतर का नेशनल पेमेंट कार्ड जिसे Himyan कहा जाता है, उसका इस्तेमाल सऊदी अरब में किया जा सकेगा। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब का नेशनल पेमेंट नेटवर्क mada अब कतर में भी काम करेगा। इस कदम से दोनों पड़ोसी देशों के बीच आने-जाने वाले व्यापारियों, टूरिस्ट्स और आम नागरिकों को पेमेंट करने में बहुत आसानी होगी। हालांकि यह सुविधा एकदम से सभी बैंकों और एटीएम या दुकानों पर चालू नहीं होगी, बल्कि इसे तकनीकी चरणों के हिसाब से धीरे-धीरे लागू किया जाएगा।
कैसे काम करेगा यह नया सिस्टम और क्या है GCC-NET की भूमिका
यह पूरी सुविधा Gulf Payment Network (GCC-NET) के जरिए चलाई जा रही है। इस नेटवर्क की मदद से खाड़ी देशों यानी जीसीसी के नागरिक और वहां रहने वाले लोग अपने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करके किसी भी सदस्य देश में आसानी से पैसे निकाल सकते हैं और दुकानों पर खरीदारी कर सकते हैं। जो लोग वीज़ा या मास्टरकार्ड जैसे इंटरनेशनल नेटवर्क पर निर्भर नहीं रहना चाहते, उनके लिए यह एक बहुत अच्छा और आसान विकल्प साबित होगा। खासकर उन लोगों के लिए जो काम के सिलसिले में या व्यापार के लिए कतर और सऊदी अरब के बीच अक्सर यात्रा करते रहते हैं।
भारतीय प्रवासियों के लिए क्या है खास जानकारी
साल 2026 के भारतीय सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कतर में लगभग 8.29 लाख भारतीय रहते हैं और सऊदी अरब में इनकी संख्या करीब 27.48 लाख है। इन देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासी जो हिमयन या मदा कार्ड से जुड़े डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, वे इस नई सर्विस का फायदा उठा सकेंगे। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह सुविधा इस बात पर निर्भर करेगी कि आपका बैंक कौन सा है और आप किस एटीएम या दुकान पर पेमेंट कर रहे हैं। यात्रा करने से पहले सभी कार्डधारकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक के मोबाइल ऐप, कस्टमर केयर या नजदीकी शाखा में जाकर यह पक्का कर लें कि उनका कार्ड इस नई क्रॉस-बॉर्डर सर्विस के लिए एक्टिव है या नहीं।
यात्रा करने से पहले इन बातों का रखें खास ध्यान
बैंक जाने से पहले या सफर पर निकलने से पहले यूजर्स को अपनी विदेशी या क्षेत्रीय इस्तेमाल की सेटिंग्स को जांच लेना चाहिए। एटीएम से पैसे निकालने और दुकानों पर पेमेंट करने के नियमों को भी ठीक से समझ लेना समझदारी होगी। फिलहाल अधिकारियों की तरफ से कोई भी फिक्स ट्रांजैक्शन फीस या करेंसी एक्सचेंज रेट चार्ट जारी नहीं किया गया है। इसका मतलब यह हुआ कि लगने वाला चार्ज और करेंसी बदलने का रेट पूरी तरह से आपके बैंक और एटीएम चलाने वाली कंपनी के नियमों पर ही निर्भर करेगा। चूंकि यह योजना अभी धीरे-धीरे लागू हो रही है, इसलिए अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपने पास कैश जैसे दूसरे पेमेंट के विकल्प भी जरूर रखें। कई दूर-दराज के इलाकों, पेट्रोल पंपों और छोटी दुकानों पर अभी भी पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम लागू होने में समय लग सकता है, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है।