रियाद एयरपोर्ट पर हूती मिसाइल हमला: कतर ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताई

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर 2026 को हूती विद्रोहियों के मिसाइल हमले के बाद क्षेत्र का माहौल और तनावपूर्ण हो गया है। कतर ने इस हमले की सख़्त शब्दों में निंदा करते हुए इसे सऊदी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताया है। कतर के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस हमले से क्षेत्रीय सुरक्षा, नागरिकों की जान और हवाई नेविगेशन, तीनों को सीधा ख़तरा है।
कतर ने अपने बयान में सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दोहराई है। उसका कहना है कि सऊदी अरब की सुरक्षा कतर की अपनी सुरक्षा से अलग नहीं है, और यह खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के सामूहिक सुरक्षा ढांचे का हिस्सा है। दोहा की ओर से आया यह संदेश साफ़ करता है कि खाड़ी देश इस तरह के हमलों को किसी एक देश का मामला नहीं मानते।
टर्मिनल 3 और 4 को निशाना, उड़ानों पर असर
रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 अक्टूबर का हमला टर्मिनल 3 और 4 को निशाना बनाकर किया गया। यह एक हफ़्ते के भीतर इस एयरपोर्ट पर तीसरा हमला था, इससे पहले 8 और 9 अक्टूबर को भी हमले हुए थे। इस हमले में दर्जनों लोग घायल होने की ख़बर है, जिनमें कम से कम पांच लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मरने वालों की संख्या को लेकर अभी अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं। 9 अक्टूबर के हमलों में तीन लोगों की मौत हुई थी और एयरपोर्ट के ढांचे के साथ एक सऊदिया विमान को भी नुकसान पहुंचा था।
हालात को देखते हुए सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ़ सिविल एविएशन ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर संचालन रोक दिया है। यह तब तक जारी रहेगा जब तक नुकसान का आकलन पूरा नहीं होता और सुरक्षा प्रोटोकॉल की पुष्टि नहीं हो जाती। इसका असर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों पर भी पड़ा है। कतर एयरवेज़, कुवैत एयरवेज़, इत्तिहाद एयरवेज़, फ्लाईदुबई, लुफ़्थांसा ग्रुप, एयर इंडिया और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस जैसी कंपनियों की कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट करनी पड़ी हैं। जिन यात्रियों की यात्रा इस एयरपोर्ट से जुड़ी है, उनके लिए अपनी एयरलाइन से ताज़ा जानकारी लेना ज़रूरी है।
इस हमले की निंदा सिर्फ़ कतर तक सीमित नहीं रही। संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और खाड़ी सहयोग परिषद ने भी इसकी आलोचना की है, जिसका नेतृत्व महासचिव जासिम अल बुदैवी कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका, ब्रिटेन, आयरलैंड, कनाडा, जर्मनी और स्पेन ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सरकारी कर्मचारियों की यात्रा पर प्रतिबंध भी लगाए हैं।
इसी बीच हूती विद्रोहियों ने नजरान और खमीस मुशैत के एक एयर बेस को भी निशाना बनाने का दावा किया है। हूती इसे यमन में सऊदी नेतृत्व वाले अभियानों के ख़िलाफ़ चल रही अपनी मुहिम का हिस्सा बता रहे हैं। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए हालात पर नज़र बनाए रखना ज़रूरी है।