Saudi पर हमला: कतर ने हूती विद्रोही के हमलों की निंदा की, कहा क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में.

Aanya20 September 20262 min read2 viewsSaudi
Saudi पर हमला: कतर ने हूती विद्रोही के हमलों की निंदा की, कहा क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे में.

खाड़ी देश कतर ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद और अन्य प्रमुख शहरों पर हुए हालिया ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की है। 20 सितंबर 2026 को कतर के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इसे शर्मनाक आक्रामक व्यवहार बताया और कहा कि यह आम नागरिकों की जान की परवाह न करने का स्पष्ट उदाहरण है। कतर सरकार ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ करार दिया है। इस घटना के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के मन में भी डर का माहौल बन गया है।

सऊदी अरब के संवेदनशील ठिकानों को बनाया गया था निशाना

यह पूरी घटना 19 सितंबर 2026 यानी शनिवार को हुई, जब हूती विद्रोहियों ने समन्वित तरीके से सऊदी अरब के कई संवेदनशील स्थानों को निशाना बनाया। इन हमलों में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित अरामको का एक ईंधन ठिकाना भी शामिल था, जहां हमले के बाद आग लगने की खबर सामने आई थी। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने मीडिया को पुष्टि दी कि देश की वायु रक्षा प्रणाली ने रियाद की तरफ आ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही सफलता पूर्वक रोक लिया और नष्ट कर दिया। दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि यह कार्रवाई यमन में हो रहे गठबंधन के हवाई हमलों का बदला लेने के लिए की गई थी।

कतर ने इस मुश्किल समय में सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई और जोर देकर कहा कि किंगडम की सुरक्षा कतर की अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और पूरे खाड़ी सहयोग परिषद की सामूहिक स्थिरता से अलग नहीं है। इस तरह के हमलों की निंदा करने वालों में केवल कतर ही नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, अमेरिका, कुवैत, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन भी शामिल हैं। इन सभी देशों ने तत्काल प्रभाव से लड़ाई रोकने और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 का सख्ती से पालन करने की अपील की है। ऐसी घटनाओं से खाड़ी देशों में सफर करने वाले और नौकरी करने वाले भारतीयों पर भी असर पड़ता है क्योंकि सुरक्षा की स्थिति बिगड़ने से कई बार उड़ानों और कामकाज पर अस्थायी असर देखने को मिलता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप QNA की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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