सऊदी अरब के रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमलों को कतर ने बताया संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन और अपनी सुरक्षा के लिए खतरा

न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र में कतर की स्थायी प्रतिनिधि शेख़ा आलिया अहमद बिन सैफ अल-थानी ने सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हूती हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन करार दिया है।
शेख़ा आलिया ने साफ किया कि सऊदी अरब की सुरक्षा सीधे तौर पर कतर की राष्ट्रीय सुरक्षा और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की सामूहिक स्थिरता से जुड़ी हुई है। यह बयान अक्टूबर महीने में हुए हमलों की श्रृंखला के बाद आया है।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि 1 अक्टूबर से 11 अक्टूबर के बीच हूतियों ने 20 अलग-अलग हमले किए। इन हमलों में 17 लोगों की मौत हुई और 333 लोग घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी 16 अक्टूबर को इन कार्रवाइयों की निंदा की। परिषद ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सऊदी अरब को आत्मरक्षा का पूरा अधिकार है।
सुरक्षा हालात बिगड़ने की वजह से रियाद में 24 अक्टूबर को होने वाला यूरोपीय संघ और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल का शिखर सम्मेलन स्थगित कर दिया गया है।
सैन्य विश्लेषकों और सऊदी गठबंधन ने सऊदी हवाई रक्षा प्रणाली की संवेदनशीलता पर चिंता जताई है। गठबंधन और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के मुताबिक, हूती विद्रोही ईरान की मदद से अधिक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।