कतर ने मदीना के पावर स्टेशन पर हुए ड्रोन हमले की कड़ी निंदा की

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर तनाव बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं, जब सऊदी अरब के मदीना शहर में स्थित एक महत्वपूर्ण बिजली वितरण स्टेशन को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। इस घटना के बाद कतर ने कड़े शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस कायराना हरकत की पुरजोर निंदा की है। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना था, जिससे आम जनजीवन और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
ताइबा बिजली सुविधा पर हुआ हमला
मंगलवार सुबह तड़के हुए इस हमले में ताइबेह बिजली वितरण सुविधा को निशाना बनाया गया, जिससे वहां लगे एक ट्रांसफॉर्मर को नुकसान पहुंचा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि जिस मुख्य ग्रिड से पैगंबर की मस्जिद को बिजली की आपूर्ति होती है, वह सुरक्षित रहा और लगातार काम करता रहा। सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने मलबे की जांच के आधार पर इस बात की पुष्टि की कि इस हमले के पीछे हूती मिलिशिया का हाथ था, जिन्होंने इसकी योजना बनाई और इसे अंजाम दिया।
कतर और खाड़ी देशों का कड़ा रुख
कतर के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस घटना को सऊदी संप्रभुता का खुला उल्लंघन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ करार दिया है। बयान में यह भी कहा गया है कि ऐसे हमले दुनियाभर के मुसलमानों के लिए एक गंभीर उकसावा हैं। कतर ने सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त की है और इस बात पर जोर दिया है कि साम्राज्य की सुरक्षा पूरे खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) की सामूहिक सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है।
इस निंदनीय घटना के बाद केवल कतर ही नहीं, बल्कि संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और तुर्किए समेत कई देशों और संगठनों ने भी इसकी कड़ी भर्त्सना की है। क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बनाए रखने के लिए इस तरह के हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय का एकजुट होना बेहद जरूरी माना जा रहा है।