Qatar ने की ईरान के हमलों की कड़ी निंदा, जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर हमले को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन।

खाड़ी देश कतर ने हाल ही में ईरान की ओर से पड़ोसी देशों पर किए गए सैन्य हमलों पर कड़ी आपत्ति जताई है और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। 2 सितंबर 2026 को कतर सरकार की तरफ से यह बयान सामने आया जिसमें जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर हुए हमलों की तीखी आलोचना की गई। कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि इस तरह के हमले किसी भी देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन हैं। इस पूरी घटना के बाद से खाड़ी देशों में रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बन गया है, खासकर उन लोगों के लिए जो इन देशों में रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
कतर विदेश मंत्रालय का कड़ा रुख और कानूनी जिम्मेदारी
कतर के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में यह भी स्पष्ट किया कि इन हमलों की पूरी कानूनी जिम्मेदारी ईरान की सरकार पर आती है। मंत्रालय ने तुरंत सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों को रोकने की अपील की ताकि क्षेत्र में तनाव और ज्यादा न बढ़े। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप कतर विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके अलावा, कतर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक भी क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए कूटनीतिक बातचीत पर जोर दिया जा रहा है।
सुरक्षा के मोर्चे पर हालात तब और बिगड़ गए जब रिपोर्ट्स में सामने आया कि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन्स ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा इराक के एरबिल शहर में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों पर भी हमले की खबर आई। इन तमाम घटनाओं की शुरुआत उस समय हुई जब अमेरिका ने 1 सितंबर 2026 को ईरान के कुछ सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की थी। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि अमेरिकी कार्रवाई ईरान की उन हरकतों का जवाब थी जिनके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य के पास रडार सिस्टम को दोबारा खड़ा करने और नौकायन के रास्तों पर समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने की कोशिश की जा रही थी।
संयुक्त राष्ट्र और स्थानीय अधिकारियों की चेतावनी
बढ़ते तनाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बातचीत शुरू करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मदब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना पूरी दुनिया के व्यापार के लिए बहुत जरूरी है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed al-Ansari ने 1 सितंबर को ही यह चेतावनी दे दी थी कि अगर इस विवाद का हल जल्द नहीं निकाला गया तो हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। इस संघर्ष के कारण आम नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की जान को खतरा पैदा होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी भारतीय और अन्य विदेशी नागरिक भी काफी डरे हुए हैं।