Qatar का बड़ा बयान, ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को बताया खतरनाक और तुरंत रोकने की मांग.

खाड़ी देशों में तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है क्योंकि Qatar ने Jordan और UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। सोमवार, 31 अगस्त 2026 को ईरान की तरफ से अचानक मिलिट्री स्ट्राइक की गई, जिसमें जॉर्डन को मिसाइलों से और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE को ड्रोन से निशाना बनाया गया। कतर की सरकार ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए साफ कहा है कि यह क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए बहुत खतरनाक कदम है। कतरी विदेश मंत्रालय ने तुरंत इस तरह की गोलाबारी और सैन्य कार्रवाई को रोकने की मांग की है ताकि आम लोगों की सुरक्षा खतरे में न पड़े और बातचीत के रास्ते से मामले को सुलझाया जा सके। कतर न्यूज एजेंसी के माध्यम से यह जानकारी सामने आई है जिसके बारे में आप विस्तार से QNA Official Website पर जाकर पढ़ सकते हैं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ली हमलों की जिम्मेदारी
दूसरी तरफ, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इन सभी हमलों की जिम्मेदारी खुलेआम ले ली है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिका की तरफ से 30 अगस्त 2026 को Larak Island पर किए गए हमलों का जवाब थी। ईरान का दावा है कि अमेरिकी हमले में उनके दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इसी वजह से ईरान ने इसे अपने बचाव में उठाया गया कदम बताया है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश किसी भी तरह की जंग की शुरुआत नहीं चाहता है, लेकिन अगर कोई उन पर हमला करेगा तो वे चुपचाप नहीं बैठेंगे और इसका कड़ा जवाब देंगे।
जॉर्डन और UAE के डिफेंस सिस्टम ने बचाई स्थिति
जॉर्डन की सेना के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने सोमवार की सुबह देश के आसमान में दाखिल होने वाली 8 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया और उन्हें नष्ट कर दिया। गनीमत यह रही कि समय रहते इन्हें गिरा दिए जाने की वजह से किसी भी तरह की नागरिक संपत्ति या बुनियादी ढांचे को नुकसान नहीं पहुंचा। ठीक इसी तरह UAE के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि उनके देश के समुद्री क्षेत्र के ऊपर एक ईरानी ड्रोन को सफलतापूर्वक रोका गया। यूएई ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें अल मिन्हाद एयर बेस पर सफल हमले की बात कही गई थी। यूएई के विदेश मंत्रालय ने इस ड्रोन हमले को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन और पूरी तरह अस्वीकार्य हमला करार दिया है। इस पूरी घटना की अधिक जानकारी आप WAM Official Portal पर देख सकते हैं।
अमेरिका और खाड़ी देशों की कड़ी प्रतिक्रिया
इस पूरी स्थिति को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कड़ी चेतावनी दी है कि अमेरिका इन ईरानी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देगा। यह पूरा सैन्य विवाद तब शुरू हुआ था जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने लारक द्वीप पर ईरान के उन रॉकेट लॉन्चर्स को नष्ट कर दिया था जिनका इस्तेमाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के ट्रैफिक को निशाना बनाने के लिए किया जाने वाला था। इस बीच खाड़ी सहयोग परिषद यानी GCC के महासचिव Jasem Mohamed Albudaiwi ने यूएई के प्रति पूरी एकजुटता दिखाई है। उन्होंने खाड़ी देशों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए इन सभी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को फौरन बंद करने की पुरजोर मांग की है ताकि वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को किसी भी खतरे का सामना न करना पड़े।