इजिप्शियन स्टील केस: कतर की अदालत ने अब्दुल्ला अल-शाहीन को सभी आरोपों से किया बरी
कतर की कोर्ट ऑफ कैसेशन ने 'इजिप्शियन स्टील' केस में कुवैती कारोबारी अब्दुल्ला अल-शाहीन और उनके साथियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।

दोहा: कतर की कोर्ट ऑफ कैसेशन ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कुवैती कारोबारी अब्दुल्ला अहमद शाहीन अल-शाहीन और उनके सह-अभियुक्तों को 'इजिप्शियन स्टील' मामले में पूरी तरह बरी कर दिया है। अदालत ने यह अंतिम और बाध्यकारी फैसला सुनाया है, जिससे इस कानूनी विवाद पर अब पूरी तरह विराम लग गया है।
26 अक्टूबर 2026 को आए इस फैसले में कोर्ट ने पब्लिक प्रॉसिक्यूशन द्वारा दायर अपीलों को खारिज कर दिया। क्रिमिनल कैसेशन अपील नंबर 1444 और 1532 (2026) के तहत दिए गए इस आदेश के जरिए पहले दिए गए उन फैसलों को पलट दिया गया है, जिनमें आरोपियों को उनकी अनुपस्थिति (इन-एब्सेंटिया) में दोषी ठहराया गया था।
अदालत ने इस नतीजे पर पहुंचने के लिए मामले के कानूनी और वास्तविक पहलुओं की गहन समीक्षा की। यह निर्णय 6 अक्टूबर 2025 को आए एक बुनियादी फैसले पर आधारित है, जिसमें प्रतिवादियों के पक्ष में अनुकूल निष्कर्ष दिए गए थे।
अब्दुल्ला अहमद शाहीन अल-शाहीन, जो कतर स्थित स्टेट होल्डिंग ग्रुप के मैनेजिंग बोर्ड सदस्य हैं, अब इस विवाद से जुड़ी सभी कानूनी कार्यवाहियों से मुक्त हो गए हैं।
4 नवंबर 2026 तक यह फैसला अंतिम न्यायिक समाधान के रूप में मान्य है। अब इस मामले में मुकदमेबाजी का कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है और केस आधिकारिक तौर पर बंद हो चुका है।