कतर के अमीर ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की मांग, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव.

Praggya Singh sabal22 September 20263 min read8 viewsQatar
कतर के अमीर ने की होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की मांग, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने दुनिया के सामने एक बड़ी बात रखी है। उन्होंने 22 सितंबर 2026 को अपने भाषण के दौरान साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोला जाना चाहिए। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रही इस खतरनाक जंग की वजह से पूरी दुनिया में खाने-पीने की चीजें और दवाइयां बहुत महंगी हो गई हैं। इस भारी तनाव और मंहगाई की वजह से उन आम लोगों को बहुत ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है जिनका इस लड़ाई से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था और क्षेत्रीय तनाव

कतर के नेता ने अपने संबोधन में आगे कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए एक मजबूत सामूहिक सुरक्षा प्रणाली की बहुत जरूरत है। वर्तमान समय में ऐसी कोई मजबूत व्यवस्था न होने की वजह से ही पूरे इलाके में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे पुरानी बातों को भुलाकर फिर से बातचीत के रास्ते पर लौटें ताकि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को सुरक्षित किया जा सके और ईरान सहित सभी देशों की सुरक्षा पक्की हो सके। इसके अलावा उन्होंने लेबनान, सीरिया और फिलिस्तीन में इजरायली सैन्य अभियानों की कड़ी निंदा की। उन्होंने गाजा के हालात को मानवता के लिए एक बड़ा कलंक बताया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे गाजा में हुए संघर्ष विराम समझौते का कड़ाई से पालन करवाएं।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले और बढ़ती मुश्किलें

इस बीच कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने पहले भी खाड़ी देशों और ईरान के लिए एक सुरक्षा ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उस पर काम अभी तक अटका हुआ है। हालात को और ज्यादा खराब करते हुए जून के महीने में पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच जो समझौता हुआ था, वह भी टिक नहीं पाया। इसके ठीक बाद 21 सितंबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में दो बड़े टैंकर्स पर हमला होने की खबर सामने आई, जिसके बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कड़ी चेतावनी जारी की। रिपोर्टों के अनुसार, यदि अमेरिका अपनी नाकाबंदी नहीं हटाता और सैन्य दबाव कम नहीं करता है, तो ईरान जहाजों को रोकने पर विचार कर सकता है और उन पर 20 प्रतिशत तक का जुर्माना लगा सकता है। हालांकि एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने यह भी संकेत दिया है कि अगर अमेरिका अपना दबाव हटा ले तो यह जलमार्ग सात दिनों के भीतर फिर से खोला जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अमेरिका का रुख

दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने की नीति पर लगातार काम कर रहे हैं। उनका साफ कहना है कि नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों तक ईरान के साथ किसी भी तरह की सीधी बातचीत की कोई योजना नहीं है। अमेरिकी सेना ने हाल ही में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करने के लिए उसके तीन ठिकानों पर हमले भी किए हैं। इस बीच फ्रांस और अमेरिका मिलकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक नया प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि होर्मुज जलमार्ग में नेविगेशन की स्वतंत्रता को फिर से बहाल किया जा सके और एक अंतरराष्ट्रीय मिशन तैयार किया जा सके।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी चेतावनी दी है कि पूरा मध्य पूर्व अब एक बड़े युद्ध के मुहाने पर खड़ा है और सभी देशों को तुरंत अपनी सैन्य कार्रवाई रोक देनी चाहिए। वहीं न्यूयॉर्क में मौजूद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकछी ने कहा है कि उनका देश इस समय युद्ध की स्थिति का सामना कर रहा है। ईरानी सशस्त्र बलों ने भी अमेरिका, इजराइल और उनके सहयोगियों के खिलाफ अपनी लड़ाई और तेज करने की कसम खाई है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल गहराता जा रहा है।

Share:

Comments

Leave a comment