कतर के अमीर का बड़ा ऐलान, खाड़ी के जहाज़ी मार्ग और ऊर्जा ढांचे की सुरक्षा दोगुनी, ईरान से नहीं डरना हैं अब.

दोहा: कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने खाड़ी क्षेत्र के समुद्री रास्तों और ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा के लिए प्रयास दोगुने करने की बात कही है। 13 अक्टूबर 2026 को शूरा काउंसिल के वार्षिक सत्र के उद्घाटन के मौके पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाज़ों की आवाजाही सुरक्षित रखना अब पहली प्राथमिकता है।
अमीर के मुताबिक इस सुरक्षा में केवल तेल और गैस के ठिकाने ही नहीं, बल्कि नागरिक ढांचा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि जीसीसी देशों की सुरक्षा और उनकी संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं हो सकता।
उन्होंने सीधे तौर पर ईरान पर निशाना साधा और हाल के हमलों को कतर की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया। उनके अनुसार होर्मुज़ जलडमरूमध्य का बंद होना और रास एलानफ़ ऊर्जा संयंत्र को हुए नुकसान ने देश की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंचाई है। इसी का नतीजा है कि 2026 की पहली छमाही में राष्ट्रीय राजस्व में 42 प्रतिशत की गिरावट आई।
होर्मुज़ से भारतीय नागरिकों तक, बढ़ता तनाव
इसके बावजूद अमीर ने बातचीत के रास्ते को नहीं छोड़ने की बात दोहराई। लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि संवाद का मतलब देश की सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था के बचाव में ढिलाई नहीं है।
इलाके के हालात लगातार नाजुक बने हुए हैं। 6 अक्टूबर 2026 को होर्मुज़ जलडमरूमध्य में पनामा झंडे वाले वाणिज्यिक जहाज़ MT On Peace पर हमला हुआ, जिसमें 11 भारतीय नागरिक घायल हो गए। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस घटना की निंदा की है। हमले के बाद जहाज़ के चालक दल को ओमान से मदद मिली।
इसी बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने इंग्लैंड में एक RAF बेस को निशाना बनाने की संदिग्ध साज़िश का जिम्मेदार ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) को ठहराया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हाल के हमलों को लेकर यमन के हूथी विद्रोहियों की आलोचना की है और उनके इस व्यवहार को बेहद गलत बताया है।