कतर एनर्जी ने बढ़ाया फोर्स मैज्योर, पाकिस्तान, बांग्लादेश और इटली के लिए गैस सप्लाई एक महीने और बंद.

कतर एनर्जी ने शिपिंग की भारी दिक्कतों और सुरक्षा के खतरों के बीच अपने लिक्विडफाइड नेचुरल गैस यानी LNG की सप्लाई पर लगाए गए फोर्स मैज्योर को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया है। इस बड़े फैसले से पाकिस्तान, बांग्लादेश और इटली जैसे देशों के खरीदार सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। कतर के इस कदम से आने वाले दिनों में गैस बाजार में उथल-पुथल मच सकती है और आम लोगों से लेकर उद्योगों तक इसकी मार पड़ सकती है।
होरमुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर लगी रोक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कतर एनर्जी ने यह कदम होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर लगी पाबंदियों के कारण उठाया है। 28 अगस्त 2026 को केप्लर के आंकड़ों से यह बात सामने आई थी कि उस बुधवार को केवल 10 जहाज ही होरमुज जलडमरूमध्य को पार कर पाए थे। इस इलाके में लगातार बने सुरक्षा जोखिमों के चलते जहाजों की आवाजाही बहुत ज्यादा कम हो गई है, जिसकी वजह से ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो रही है।
किन देशों पर पड़ा असर और कब तक रहेगी रोक
कतर की तरफ से बढ़ाई गई इस रोक का असर कई बड़े बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। पाकिस्तानी खरीदारों के लिए एलएनजी की डिलीवरी अब अक्टूबर 2026 तक रद्द कर दी गई है। वहीं दूसरी तरफ, बांग्लादेश के लिए भी सप्लाई सितंबर 2026 के अंत तक प्रतिबंधित कर दी गई है। इटली की प्रमुख ऊर्जा कंपनी एडिसन ने भी 28 अगस्त को यह जानकारी दी थी कि कतर एनर्जी ने उनके एड्रियाटिक एलएनजी टर्मिनल के लिए तय किए गए 5 और एलएनजी कार्गो की डिलीवरी को रोक दिया है। इसके साथ ही एडिसन के प्रभावित कुल कार्गो की संख्या बढ़कर 29 हो गई है, जो लगभग 3.8 अरब क्यूबिक मीटर नेचुरल गैस के बराबर है। हालांकि, इस कमी से निपटने के लिए एडिसन ने 21 एलएनजी कार्गो के एवज में वैकल्पिक सप्लाई का इंतजाम कर लिया है, जो कुल 2 अरब क्यूबिक मीटर गैस है।
हमले के बाद से कतर की उत्पादन क्षमता को भारी नुकसान
यह पूरा मामला 4 मार्च 2026 को कतर में ऊर्जा सुविधाओं पर हुए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद पहला फोर्स मैज्योर घोषित किया गया था। कतर एनर्जी के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी साद अल-काबी ने पहले ही यह पुष्टि की थी कि रास लाफन उत्पादन केंद्र पर हुए ईरानी हमलों के कारण कतर की एलएनजी उत्पादन क्षमता में प्रति वर्ष 1.28 करोड़ मीट्रिक टन यानी करीब 17 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। अल-काबी के मुताबिक, इन टूटे-फूटे हिस्सों की मरम्मत में 3 से 5 साल का लंबा समय लग सकता है और इस खोई हुई क्षमता से सालाना 20 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान हो रहा है। संघर्ष शुरू होने के बाद से कतर ने केवल 18 एलएनजी कार्गो ही भेजे हैं, जो पिछले साल इसी अवधि में दर्ज किए गए 509 कार्गो की तुलना में 96 प्रतिशत की भारी गिरावट को दिखाता है। इस वजह से अनुमानित तौर पर 24 अरब डॉलर के निर्यात राजस्व का नुकसान हो चुका है।
विशेषज्ञों की चेतावनी और भविष्य के हालात
बाजार के जानकारों का मानना है कि सर्दियों के मौसम से पहले गैस की इस तंगी के कारण यूरोप में महंगाई का दबाव काफी बढ़ सकता है। रystad एनर्जी के विश्लेषक मासानोरी ओदाका ने बताया कि तेल टैंकरों की तुलना में एलएनजी वाहक जहाज बहुत ज्यादा कीमती और दुर्लभ होते हैं, इसलिए कतर इन जहाजों को लेकर बहुत ज्यादा सावधानी बरत रहा है। यह फोर्स मैज्योर नियम एक कानूनी प्रावधान के तहत आता है, जो दोनों पक्षों के नियंत्रण से बाहर की घटनाओं के कारण आपूर्ति के नियमों को निलंबित करने की अनुमति देता है। एडिसन के मामले में यह व्यवधान अप्रैल की शुरुआत से लेकर नवंबर 2026 के शुरुआती हफ्तों तक फैला हुआ है।