स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव के बीच कतर एनर्जी ने अमेरिका से एलएनजी खरीदने के लिए किए बड़े सौदे
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव के बीच कतर एनर्जी ने अमेरिका से भारी मात्रा में एलएनजी खरीदने के लिए लंबे समय के समझौते किए हैं।

दोहा: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में संभावित रुकावटों से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए कतर एनर्जी ने विदेशों से लंबे समय तक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) खरीदने की रणनीति अपनाई है। कतर एनर्जी के सीईओ और ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री साद शेरिदा अल काबी ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को इस रणनीति की पुष्टि की।
अल काबी ने बताया कि इस कदम से कंपनी अमेरिका और वैश्विक कीमतों के बीच बाजार अंतर का फायदा उठा सकेगी। अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए शिपिंग बाधित होती है, तो यह रणनीति राजस्व के नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगी।
इस विस्तार के तहत कतर एनर्जी ने हाल ही में वुडसाइड की अमेरिकी सुविधाओं से सालाना 3 मिलियन टन एलएनजी खरीदने का 20 साल का समझौता किया है। इसकी डिलीवरी 2030 से शुरू होगी। इससे पहले पिछले हफ्ते चेनियर एनर्जी के साथ दो समझौते किए गए थे, जिसके तहत सबाइन पास और कॉर्पस क्रिस्टी टर्मिनलों से 4 मिलियन टन तक एलएनजी ली जाएगी। यह आपूर्ति 2030 के दशक की शुरुआत से शुरू होकर 2054 तक चलेगी।
कुल 7 मिलियन टन एलएनजी सुरक्षित करने के साथ ही कतर एनर्जी अमेरिकी एलएनजी का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है। अल काबी ने संकेत दिया कि 2026 के अंत तक और अधिक दीर्घकालिक अनुबंध होने की उम्मीद है, जिससे इसकी मात्रा काफी बढ़ जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दृष्टिकोण के लिए किसी नए पूंजीगत खर्च की आवश्यकता नहीं है और यह पाइपलाइन बनाने का एक अधिक कुशल विकल्प है।
यह रणनीति एक वित्तीय सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। यदि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज बंद होता है, तो वैश्विक गैस कीमतों में उछाल आएगा, जिससे कतर एनर्जी अपनी विदेशी होल्डिंग्स से वह राजस्व कमा सकेगा जो अन्यथा खो जाता।
यह पहल क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच आई है। ईरान के हमलों में रास लफ्फन स्थित कतर के लिक्विफैक्शन कॉम्प्लेक्स को नुकसान पहुंचा है, जिससे एलएनजी क्षमता में 17 प्रतिशत की गिरावट आई है। इसकी मरम्मत में तीन साल लगने का अनुमान है। वहीं पर्ल जीटीएल सुविधा के 2027 की पहली तिमाही तक फिर से चालू होने की उम्मीद है।
लगातार हो रही बाधाओं के कारण कतर एनर्जी ने यूरोप और एशिया के विभिन्न ग्राहकों के लिए एलएनजी डिलीवरी पर 'फोर्स मेज्योर' (अपरिहार्य परिस्थिति) को दिसंबर 2026 के अंत तक बढ़ा दिया है। यह नीति अप्रैल 2026 से लागू है। इसका असर इटली की एडिसन और बांग्लादेश की पेट्रोबांग्ला जैसी कंपनियों पर पड़ा है।
इस स्थिति से बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है। यूरोपीय फ्रंट-मंथ टीटीएफ गैस की कीमतें 2022 की शरद ऋतु के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं और एशियाई स्पॉट एलएनजी कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
अल काबी ने कहा कि शांति समझौता होने के एक हफ्ते के भीतर शिपिंग की उपलब्धता के आधार पर उत्पादन पूरी तरह से फिर से शुरू हो सकता है। उन्होंने पुष्टि की कि कतर एनर्जी अपनी कुल एलएनजी उत्पादन क्षमता को 142 मिलियन टन तक बढ़ाने की दीर्घकालिक योजना के लिए प्रतिबद्ध है और इसके सभी अनुबंध दिए जा चुके हैं।