कतर में प्रवासी कर्मचारियों का पासपोर्ट बिना सहमति रखने वाले मालिकों पर लगेगा 25 हजार रियाल का भारी जुर्माना

Satyam Kumari17 October 20261 min read0 viewsQatar
कतर में प्रवासी कर्मचारियों का पासपोर्ट बिना सहमति रखने वाले मालिकों पर लगेगा 25 हजार रियाल का भारी जुर्माना

दोहा: कतर के आंतरिक मंत्रालय (MOI) ने नियोक्ताओं को सख्त चेतावनी दी है कि वे प्रवासी कर्मचारियों के पासपोर्ट अपने पास न रखें। मंत्रालय ने साफ किया है कि रेजिडेंसी परमिट (RP/QID) जारी होने या रिन्यू होने के बाद पासपोर्ट कर्मचारी को लौटाना जरूरी है।

पासपोर्ट विभाग के सर्च एंड फॉलो-अप विभाग के डिटेंशन सेक्शन के प्रमुख मेजर सऊद हमद अलबुरायदी ने एक वेबिनार के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगर कोई नियोक्ता इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उस पर 25,000 कतरी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। भारतीय रुपयों में यह राशि करीब 5.7 लाख रुपये होती है।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट पूरी तरह से उस व्यक्ति की संपत्ति है जिसके नाम पर वह जारी हुआ है। नियोक्ता या भर्ती एजेंट बिना किसी आपसी सहमति या कानूनी दस्तावेज के इसे अपने पास नहीं रख सकते। यह कदम साल 2015 के कानून नंबर 21 को लागू करने के लिए उठाया गया है, जो प्रवासियों के प्रवेश, निकास और निवास को नियंत्रित करता है।

वेबिनार में अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी जुर्माने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अवैध वीजा व्यापार करने वालों को तीन साल तक की जेल और 50,000 रियाल का जुर्माना हो सकता है। दोबारा यही गलती करने पर जुर्माना बढ़ाकर 1 लाख रियाल तक किया जा सकता है।

इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति 90 दिनों के भीतर अपने रेजिडेंसी परमिट का नवीनीकरण नहीं कराता है, तो उसे 10,000 रियाल तक का जुर्माना भरना होगा। मंत्रालय ने उन प्रवासी कर्मचारियों से अपील की है जिनके पासपोर्ट उनकी मर्जी के खिलाफ रखे गए हैं कि वे मदद के लिए आंतरिक मंत्रालय के संबंधित चैनलों से संपर्क करें।

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