गाजा में तुरंत युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की बेरोक आवाजाही के लिए कतर और फ्रांस ने की मांग
कतर और फ्रांस ने गाजा में तुरंत युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही की आजादी की मांग की है।

दोहा: कतर और फ्रांस ने गाजा में तुरंत युद्धविराम लागू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की बेरोक आवाजाही बहाल करने की संयुक्त अपील की है। यह फैसला फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की दो दिवसीय दोहा यात्रा के बाद लिया गया है।
राष्ट्रपति मैक्रों ने 20 और 21 अक्टूबर 2026 के बीच कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक साझेदारी और रणनीतिक रक्षा सहयोग पर चर्चा की।
कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा 22 अक्टूबर 2026 को जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया है कि गाजा में युद्धविराम के इंतजामों को पूरी तरह लागू किया जाए। इसमें मानवीय सहायता की सुरक्षित डिलीवरी और इलाके से इजरायली सेना की वापसी की मांग शामिल है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर दोनों नेताओं ने जोर दिया कि समुद्री पारगमन बिना किसी बाधा या शुल्क के होना चाहिए। फ्रांस इस मामले में संयुक्त राष्ट्र के एक प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर काम कर रहा है।
राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रस्ताव अभी भी सक्रिय हैं। यह कोशिशें फरवरी 2026 में शुरू हुए क्षेत्रीय सैन्य तनाव को कम करने के प्रयासों का हिस्सा हैं।
दोनों देशों ने वेस्ट बैंक में इजरायली बस्ती नीतियों और कब्जे वाले क्षेत्रों के संभावित विलय का विरोध किया है। ईरान के मुद्दे पर कतर और फ्रांस ने हालिया सैन्य हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और राजनयिक समाधान की वकालत की ताकि तेहरान का परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण बना रहे।
लेबनान के संदर्भ में दोनों देशों ने लेबनानी संप्रभुता की बहाली, हिजबुल्लाह के निशस्त्रीकरण और लेबनान से इजरायली सेना की पूरी वापसी के लिए त्रिपक्षीय ढांचे के कार्यान्वयन का समर्थन किया। सीरिया के लिए नेताओं ने सीरियाई अधिकारियों के समन्वय से स्थिरता और आर्थिक सुधार परियोजनाओं का समर्थन करने की इच्छा जताई।
राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा उनके व्यापक खाड़ी दौरे का हिस्सा थी, जिसमें उन्होंने कुवैत, यूएई, बहरीन और सऊदी अरब का भी दौरा किया।