मॉस्को में कतर के अमीर और ईरान के राष्ट्रपति ने ऊर्जा संबंधों को बढ़ाने पर की चर्चा

कतर के अमीर और ईरान के राष्ट्रपति ने मॉस्को में मुलाकात कर राजनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा संबंधों को बढ़ाने पर चर्चा की।

Satyam Kumari27 October 20262 min read0 viewsQatar
मॉस्को में कतर के अमीर और ईरान के राष्ट्रपति ने ऊर्जा संबंधों को बढ़ाने पर की चर्चा

मॉस्को: कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने मंगलवार को मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी रिश्तों को और मजबूत करने पर बातचीत की।

यह मुलाकात रूस में आयोजित आठवें गैस निर्यातक देशों फोरम (GECF) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। इस सम्मेलन में दुनिया के प्रमुख गैस निर्यातक देश वैश्विक बाजार की स्थितियों पर रणनीति बनाने के लिए जुटे हैं। रूस की मेजबानी में हो रहे इस कार्यक्रम में कतर, ईरान, यूएई, अल्जीरिया, मिस्र और नाइजीरिया समेत कई सदस्य देश शामिल हैं। इसके अलावा इराक, मलेशिया और अजरबैजान जैसे देश पर्यवेक्षक के तौर पर हिस्सा ले रहे हैं।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित करेंगे। उम्मीद है कि वह निर्यातकों के हितों की रक्षा और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा पर जोर देंगे। रूसी राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव ने बताया कि यह शिखर सम्मेलन गैस उद्योग की भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए ऊर्जा सहयोग मुख्य मुद्दा रहा। ईरान के कार्यवाहक तेल मंत्री हामिद बोवरद ने क्षेत्रों के विकास में बेहतर तालमेल और संघर्ष के समय ऊर्जा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा की मांग की। इसी दौरान कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतरएनर्जी के सीईओ साद शेरिदा अल काबी ने भी मंत्री बोवरद के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।

अल काबी ने पहले चेतावनी दी थी कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे क्षेत्रों में व्यवधान वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। पत्रकार दिमित्री जोलोतारेव के मुताबिक, इस फोरम का मकसद अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच गैर-पश्चिमी ऊर्जा उत्पादकों के लिए सहयोग का रास्ता तैयार करना है।

फिलहाल चर्चाओं में साझा प्राकृतिक गैस बाजारों के विकास और कीमतों में स्थिरता लाने को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य भारत, पाकिस्तान और दक्षिण पूर्व एशिया जैसे प्रमुख बाजारों के लिए स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। कतर और ईरान के नेतृत्व के बीच इस महीने यह दूसरी बड़ी ऊर्जा बैठक है, इससे पहले 19 अक्टूबर को दोहा में बातचीत हुई थी।

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