Qatar LNG Export: कतर के गैस टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य की तरफ लौटे, ऊर्जा निर्यात फिर से शुरू होने की उम्मीद

Aanya7 September 20262 min read29 viewsQatar
Qatar LNG Export: कतर के गैस टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य की तरफ लौटे, ऊर्जा निर्यात फिर से शुरू होने की उम्मीद

कतर के एलएनजी यानी द्रवीकृत प्राकृतिक गैस टैंकर एक बार फिर से अरब सागर की खाड़ी की तरफ वापस लौट रहे हैं। ब्लूमबर्ग और जहाज पर लगे ट्रैकिंग डेटा से यह बात सामने आई है कि कतर के खाली गैस कैरियर या तो ओमान की खाड़ी में पहुंच चुके हैं या फिर उस रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा एक खाली जहाज ने हाल ही में जलडमरूमध्य को पार किया और कतर की ओर अपनी यात्रा जारी रखी है। इन सभी गतिविधियों से यह साफ पता चलता है कि कतर एनर्जी अपने बेड़े को दोबारा से उस समुद्री रास्ते पर भेज रहा है ताकि गैस की सप्लाई को फिर से पटरी पर लाया जा सके।

यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ था जब मार्च 2026 में कतर एनर्जी ने सुरक्षा के खतरों का हवाला देते हुए अपने कामकाज को पूरी तरह से रोक दिया था। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के कारण सुरक्षा को बड़ा खतरा पैदा हो गया था जिसकी शुरुआत फरवरी 2026 में हुई थी। इसके पहले भी कतर ने जुलाई के आखिरी हफ्ते में अपने एक टैंकर पर हुए हमले के बाद गैस की शिपिंग को काफी हद तक बंद कर दिया था। इस समस्या से निपटने के लिए कतर और यूएई ने मिलकर होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर ही जहाजों से जहाजों पर एलएनजी ट्रांसफर करने का काम शुरू किया था ताकि एशिया के बाजारों में गैस की सप्लाई लगातार बनी रहे।

उत्पादन क्षमता को बहाल करने की योजना

कतर एनर्जी ने जून 2026 में यह ऐलान किया था कि वे गैस के उत्पादन को फिर से शुरू करने के लिए एक चरणबद्ध योजना पर काम कर रहे हैं। इस योजना के तहत उनका लक्ष्य यह है कि जैसे ही सुरक्षित नेविगेशन यानी जहाजों के चलने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाता है, वे एक महीने के भीतर अपनी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ काम शुरू कर देंगे। इसके बाद दो महीने के भीतर इस क्षमता को बढ़ाकर 80 प्रतिशत तक किया जाएगा। हालांकि कंपनी ने यह चेतावनी भी दी है कि पूरी क्षमता हासिल करने में कई साल का समय लग सकता है क्योंकि पहले हुए मिसाइल हमलों की वजह से उनके कई प्लांट और सुविधाएं बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे।

क्षेत्र में तनाव का माहौल अभी भी बना हुआ है जिसकी वजह से स्थिति काफी संवेदनशील है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मोहसेन रेजाई ने हाल ही में यह घोषणा की है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक 'एक्सक्लूजन जोन' यानी प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की योजना बना रहा है। रेजाई ने यह भी साफ किया कि जो भी जहाज इस क्षेत्र में प्रवेश करता हुआ पाया जाएगा और जलडमरूमध्य को पार करने की कोशिश करेगा, उसे ईरान की प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा। हाल ही में अमेरिका की ओर से ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमले किए गए थे, जिसके बाद से कमर्शियल जहाजों के लिए इस इलाके में सफर करना और भी ज्यादा जोखिम भरा हो गया है।

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